इस जैन व्यापारी ने अपने बेटों के लिए बनवा दी 5 हवेलियां, 60 साल में बनकर हुआ तैयार 

Apr 05, 2025, 04:03 PM IST

Aman Singh

राजस्थान किलों और महलों के लिए प्रसिद्ध है, दुनिया भर से लोग यहां छिपे कला को देखने आते हैं. 

लेकिन क्या आपको पता है कि जैसलमेर में पटवों की हवेली एक अद्भुत स्थान है. जिसे बनने में 60 साल लगे थे और इसके अंदर कई रहस्य छिपे हैं. 

पटवों की हवेली जैसलमेर के किले के पास स्थित है और अपनी अद्भुत वास्तुकला, जटिल नक्काशी और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है.

इसका निर्माण 1805-1860 के बीच हुआ था. इसे गुमानचंद पटवा नामक एक अमीर जैन व्यापारी ने अपने बेटों के लिए अलग-अलग हवेलियां बनवाई थीं, जिसे पटवों की हवेली कहा जाता है.

पटवों की हवेली पीले बलुआ पत्थर से बनी है. हवेली की दीवारों, खंभों, झरोखों और बालकनियों पर बारीक नक्काशी की गई है, जो इसे आकर्षक बनाती हैं.

वर्तमान मे पटवों की हवेली का एक हिस्सा भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) और राज्य सरकार के संरक्षण में है. इसमें एक संग्रहालय भी है.

जैसलमेर आने वाले लगभग हर पर्यटक के लिए यह एक प्रमुख आकर्षण है. यदि आप जैसलमेर घूमने जा रहे हैं, तो पटवों की हवेली जरूर जाएं.

पटवों की हवेली में बड़ी संख्या में झरोखे और बालकनी हैं, जो इसे एक अनोखा नजारे को दर्शाते हैं.

पटवों की हवेली पीले बलुआ पत्थर से बनकर तैयार हुई है, जो जैसलमेर की अन्य इमारतों की तरह "सोनार किला" का प्रभाव देता है.

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