राजस्थान की वो जगह, जहां अक्षय तृतीया पर एक ही थाली में सभी भाई खाते हैं खीच 

Published by: Zee Team | 30 Apr, 2025

अक्षय तृतीया घर के लोग एक साथ मिलकर खीच और दही से बने रायता खाते हैं. 

Published by: Zee Team | 30 Apr, 2025

गौरतलब है कि जिसका कहीं से भी क्षय ना हो, उसे अक्षय कहते है. 

Published by: Zee Team | 30 Apr, 2025

सभी जाति और धर्म के लोगों को इस योजना का लाभ मिलेगा. आय सीमा की कोई बाध्यता नहीं है.

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इसी के चलते सबसे ज्यादा शादी अक्षय तृतीया पर ही होते हैं. 

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अक्षय तृतीया पर परिवार के सभी भाई एक साथ एक ही थाली में अक्षय कलेवा करने की परम्परा है. 

Published by: Zee Team | 30 Apr, 2025

शुरुआती 6 किस्तें माता-पिता या अभिभावक के और अंतिम 7 वीं किस्त बेटी के बैंक खाते में जाएगी.

Published by: Zee Team | 30 Apr, 2025

 अक्षय तृतीया पर मूंग, चावल, दही का रायता और फली-बड़ी की सब्जी का पकवान बनता है. 

Published by: Zee Team | 30 Apr, 2025

हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया को वैवाहिक जीवन, गृहप्रवेश, नव व्यापार, भवन निर्माण जैसे कार्यों के लिए अबूझ मुहूर्त माना जाता है. 

Published by: Zee Team | 30 Apr, 2025

यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं पर आधारित है. Zee Rajasthan इसकी पुष्टि नहीं करता है.

Published by: Zee Team | 30 Apr, 2025

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