कपड़े पर बोलती राजस्थानी पेंटिंग, देखी क्या आपने ?

Published by: Sagar Rath | 07 Aug, 2025

राजस्थानी कपड़े पर बनी "बोलती पेंटिंग" को फड़ चित्रकारी कहा जाता है.

Published by: Sagar Rath | 07 Aug, 2025

यह कला लगभग 700 साल पुरानी है और आज भी जीवंत है.

Published by: Sagar Rath | 07 Aug, 2025

फड़ चित्रकारी में देवताओं और लोक योद्धाओं की कहानियां दर्शाई जाती हैं.

Published by: Sagar Rath | 07 Aug, 2025

इन चित्रों को भोपा समुदाय के लोग गाकर और कहकर प्रस्तुत करते हैं.

Published by: Sagar Rath | 07 Aug, 2025

यह सिर्फ चित्रकला नहीं, बल्कि लोक नाट्य, गायन और मौखिक साहित्य का मिश्रण है.

Published by: Sagar Rath | 07 Aug, 2025

इसमें प्रमुख रूप से पाबूजी, रामदेवजी, देवनारायणजी, कृष्ण और दुर्गा की कथाएं चित्रित होती हैं.

Published by: Sagar Rath | 07 Aug, 2025

फड़ के लिए इस्तेमाल होने वाला कपड़ा लंबाई में बड़ा और चौड़ाई में कम होता है.

Published by: Sagar Rath | 07 Aug, 2025

इसे आमतौर पर काले, लाल, पीले और हरे रंगों से बनाया जाता है.

Published by: Sagar Rath | 07 Aug, 2025

चित्रों में हर किरदार, वस्त्र और मुद्रा का प्रतीकात्मक अर्थ होता है.

Published by: Sagar Rath | 07 Aug, 2025

यह कला विदेशी पर्यटकों में खासतौर पर बेहद लोकप्रिय है.

Published by: Sagar Rath | 07 Aug, 2025

फड़ चित्रकारी राजस्थान की संस्कृति, परंपरा और लोकगाथाओं की जीवंत झलक है.

Published by: Sagar Rath | 07 Aug, 2025

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