कर्मचारी अब पेंशन के तौर पर नई पेंशन स्कीम या यूनिफाइड पेंशन में किसी एक विकल्प को चुन सकेंगे.
एकीकृत पेंशन योजना या यूनिफाइड पेंशन स्कीम, रिटायरमेंट के बाद लोगों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का प्रयास करती है.
इसमें कर्मचारियों पर आश्रित पर परिजनों के लिए भी पेंशन विशेष प्रावधान का जिक्र है.
यूनिफाइड पेंशन स्कीम में सभी केंद्रीय कर्मचारियों को पिछले 12 महीनों के अपने अंतिम वेतन का 50 प्रतिशत पेंशन के रूप में देने का प्रावधान है जिन्होंने 25 साल या उससे अधिक समय तक सेवा की है.
इसके अलावा, सरकारी कर्मचारी को पेंशन राशि में मंहगाई भत्ता का भी लाभ मिलेगा.
यूनिफाइड पेंशन स्कीम सरकारी कर्मचारियों पर लागू होगी. सेवानिवृत्त कर्मचारी अपनी सेवा के अंतिम 12 महीनों के औसत मूल वेतन के 50 प्रतिशत के बराबर पेंशन के हकदार हैं...
बशर्ते कि उन्होंने यूपीएस के तहत कम से कम 25 साल तक सेवा की हो.
पहला अंतर कि नई पेंशन स्कीम 2004 से लागू है, 2004 से पहले वाले पेंशन स्कीम को ओल्ड पेंशन स्कीम और यूनिफाइड पेंशन स्कीम 1 अप्रैल 2025 से लागू होगी.
नई पेंशन स्कीम, ओल्ड पेंशन से पूरी तरह उलट थी, और यूनिफाइड पेंशन स्कीम दोनों का मिश्रण और अपनी आधुनिकता के साथ है. जैसे:बेसिक पेंशन: ओल्ड पेंशन आखिरी सैलरी का 50% पेंशन के तौर पर मिलता था. जबकि यूपीएस में पिछले 12 महीने की सैलरी का औसत पेंशन के तौर पर दिया जाएगा.
ओल्ड पेंशन स्कीम में कर्मचारियों की सैलरी में से कोई पैसा नहीं कटता था, जबकि NPS और UPS में ये कर्मचारी की सैलरी में से भी 10% काटा जाएगा. ओल्ड पेंशन स्कीम और यूनिफाइड पेंशन स्कीम ये है, जबकि NPS में नहीं थी.
सराकरी कर्मचारी को NPS में सरकार की ओर से पेंशन में 14.8% का कंट्रीब्यूशन होता है जो UPS में सरकार का कंट्रीब्यूशन कुल पेंशन में 18.5% तक की होगी.
चूंकि ओपीएस में कर्मचारी की सैलरी में से कोई राशि नहीं कटती थी, तो टैक्स में कोई छूट नहीं था. वहीं एनपीएस में इनकम टैक्स अधिनियम 1961 के तहत 14% की छूट दी मिलती है. जाहिर ये राहत यूपीएस में भी मिलेगी.
यूपीएस के तहत, कर्मचारी की मृत्यु पर उसकी पेंशन का 60% उसके परिवार को पेंशन के तौर पर दिया जाएगा. ओपीएस में भी इसका प्रावधान था, लेकिन मिलने वाले पेंशन का प्रतिशत कम था.