डायबिटीज से लेकर अस्थमा जैसी तमाम समस्याओं का नाश करता है उठनी का दूध, रेगिस्तान के लोगों के लिए है वरदान

Ansh Raj
Mar 09, 2025

राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए ऊंट की अहमियत सदियों से रही है.

ऊंट राज्य पशु होने के साथ ही रेगिस्तान का जहाज कहलाता है और इसकी उपयोगिता अनेक रूपों में देखी जाती है.

ऊंटनी का दूध सदियों से अपने औषधीय गुणों के लिए खास पहचान रखता है, लेकिन इसकी उपलब्धता सीमित होने के कारण यह आम लोगों तक नहीं पहुंच पाता.

पशुपालक रूप सिंह ने बताया कि ऊंटनी का दूध लोगों को आसानी से बाजार में नहीं मिल पाता है.

ऊंटनी का दूध 250 रुपये प्रति लीटर की दर से उपलब्ध कराया जा रहा है.

ऊंटनी का दूध कई बीमारियों में औषधीय गुण के रूप में कार्य करती है, जैसे डायबिटीज, अस्थमा, गैस्ट्रिक समस्याएं, प्रतिरक्षा प्रणाली और त्वचा की समस्याएं.

ऊंटनी के दूध में प्रोटीन, वसा, लैक्टोज, कैल्शियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस, पोटेशियम, सोडियम, विटामिन सी, आयरन और विटामिन बी कॉम्प्लेक्स सहित कई विटामिन्स पाए जाते हैं.

ऊंटनी का दूध रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है और डायबिटीज के रोगियों के लिए फायदेमंद होता है.

ऊंटनी के दूध में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो अस्थमा के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकते हैं.

ऊंटनी का दूध पेट की समस्याओं, जैसे गैस्ट्राइटिस और अल्सर में राहत प्रदान करता है और शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है.

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