यह झरना ऊंचाई से गिरते हुए सफेद झाग बनाता है, जो बिल्कुल दूध जैसा दिखता है. मानसून के दौरान जब यह पूरे वेग से बहता है, तो इसकी सफेद धारियां किसी दूध की नदी की तरह लगती हैं.
यह झरना पाली जिले के सादड़ी और रानी गांव के पास स्थित है. यहां तक पहुंचना थोड़ा मुश्किल है, क्योंकि झरने तक जाने के लिए कोई सीधी सड़क नहीं है, बल्कि आपको प्रकृति की गोद में पैदल चलना पड़ता है.
इस झरने की असली खूबसूरती मानसून के मौसम में ही देखने को मिलती है. जुलाई से सितंबर के महीनों में, जब आसपास बारिश होती है, तो यह झरना अपने पूरे शबाब पर होता है और इसका 'दूधसागर' वाला रूप साफ नजर आता है.
यह क्षेत्र कई तरह के पक्षियों का घर है. झरने के आसपास का शांत माहौल पक्षियों को आकर्षित करता है, जिससे यह पक्षी प्रेमियों और फोटोग्राफरों के लिए एक स्वर्ग बन जाता है.