Shayari: अपनी ये छत किसी दीवार की मोहताज नहीं... पढ़ें राहत इंदोरी के रौंगटे खड़े कर देने वाले शेर

Published by: Zee Team | Nov 30, 2024

आसमां ओढ़ के सोए हैं खुले मैदां में अपनी ये छत किसी दीवार की मोहताज नहीं

Published by: Zee Team | Nov 30, 2024

आंख में पानी रखो होंटों पे चिंगारी रखो ज़िंदा रहना है तो तरकीबें बहुत सारी रखो

Published by: Zee Team | Nov 30, 2024

दिल भी किसी फ़क़ीर के हुजरे से कम नहीं दुनिया यहीं पे ला के छुपा देनी चाहिए

Published by: Zee Team | Nov 30, 2024

मज़ा चखा के ही माना हूं मैं भी दुनिया को समझ रही थी कि ऐसे ही छोड़ दूंगा उसे

Published by: Zee Team | Nov 30, 2024

सिर्फ़ ख़ंजर ही नहीं आंखों में पानी चाहिए ऐ ख़ुदा दुश्मन भी मुझ को ख़ानदानी चाहिए

Published by: Zee Team | Nov 30, 2024

मौत लम्हे की सदा ज़िंदगी उम्रों की पुकार मैं यही सोच के ज़िंदा हूं कि मर जाना है

Published by: Zee Team | Nov 30, 2024

लोग हर मोड़ पे रुक रुक के संभलते क्यूं हैं इतना डरते हैं तो फिर घर से निकलते क्यूं हैं

Published by: Zee Team | Nov 30, 2024

वही दुनिया वही सांसें वही हम वही सब कुछ पुराना चल रहा है

Published by: Zee Team | Nov 30, 2024

दोस्ती जब किसी से की जाए दुश्मनों की भी राय ली जाए

Published by: Zee Team | Nov 30, 2024

ज़िंदगी भी काश मेरे साथ रहती उम्र-भर ख़ैर अब जैसे भी होनी है बसर हो जाएगी

Published by: Zee Team | Nov 30, 2024

न हम-सफ़र न किसी हम-नशीं से निकलेगा हमारे पांव का कांटा हमीं से निकलेगा

Published by: Zee Team | Nov 30, 2024

VIEW ALL