राजस्थान क वो मंदिर, जहां शिवरात्रि पर पानी से निकलते हैं महादेव

Sneha Aggarwal
Feb 17, 2025

बांसवाड़ा जिले में सूर्यमुखी शिव मंदिर है, जहां भगवान शिव केवल चार माह ही दर्शन देते हैं और उसके बाद अंतर्ध्यान हो जाते हैं.

बांसवाड़ा जिले के माही और अनास नदी के संगम स्थल पर 200 साल पुराना महादेव का मंदिर है, जो साल में 7 से 8 महीने गायब रहता है.

दरअसल सूर्यमुखी शिव मंदिर 4 फीट तक पानी में डूबा रहता है.

इतने पानी में रहने के बाद भी मंदिर में कोई नुकसान नहीं होता है.

सूर्यमुखी शिव के नाम से फेमस मंदिर हर साल जुलाई-अगस्त में डूब जाता है.

इसके बाद फरवरी मार्च में जल भराव कम होने पर फिर से मंदिर दिखाई देता है.

सूर्यमुखी शिव मंदिर ईंट-पत्थर और चूने से बना हुआ है, जो दो सौ साल पुराना है.

नदियों के संगम स्थल पर स्थित होने के कारण इस मंदिर का नाम संगमेश्वर महादेव मंदिर भी कहा जाता है.

सूर्यमुखी शिव मंदिर में पूजा-अर्चना नाविक ही करवाते हैं.

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