दहेज का दूसरा रूप या मामा-भाई के इज्जत का सवाल, क्या है मायरे का सच

Aman Singh
Feb 28, 2025

बहन के बच्चों की शादी के समय ननिहाल पक्ष की तरफ से मामा द्वारा मायरा भरा जाता है.

मायरा को आम बोलचाल की भाषा में भात भी कहा जाता है. जो शादी के समय मामा देते हैं.

इस रस्म में मामा की ओर से बहन के बच्चों के लिए कपड़े, गहने, रुपये और अन्य सामान दिया जाता है.

इसमें बहन के ससुराल पक्ष के लोगों के लिए भी कपड़े और जेवरात आदि दिए जाते हैं.

बुजुर्गों के अनुसार मायरा को राजस्थानी संस्कृति में बहन के घर में आयोजित होने वाले सबसे बड़े समारोह पर आर्थिक सहायता देने से जोड़ा गया है.

कानून ने आज भले ही माता-पिता की जायदाद में बेटे और बेटियों को बराबरी का हिस्सा दिया हुआ है.

लेकिन इसके बावजूद भी अधिकतर बहनें कभी इस पर अपना हक नहीं जताती हैं.

बहनों के किए गए त्याग की भरपाई भाइयों द्वारा 'मायरा' में दी गई भेंट से किया जाता है.

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