क्या होता है गणगौर सिंधारा?

Sneha Aggarwal
Mar 19, 2025

सिंधारे की रस्म चैत्र शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि होती है.

इस दिन महिलाएं अपने हाथों में मेहंदी लगाती हैं.

साथ ही अपनी पूजी हुई गणगौरों को किसी नदी, तालाब और सरोवर में जाकर पानी पिलाती हैं.

जानिए गणगौर सिंधारा कैसे मनाया जाता है.

इस दिन जिन लड़कियों की नई-नई शादी हुई है उनके पीहर से सिंधारा आता है.

इस सिंधारे में मिठाई, घेवर, फल, कपड़े, चूड़ियां, गहने, मेहंदी आदि चीजें आती हैं.

इस दिन घर की महिलाएं हाथों में मेहंदी लगाती हैं और उससे पहले मेहंदी गणगौर माता को अर्पित की जाती है.

इसके अलावा इस दिन मां अपनी बेटी के घर सुहाग पिटारी भेजती है, जिसमें सुहाग का सामान होता है.

वहीं, कई जगहों पर नई नवेली दुल्हनें पहली बार गणगौर पूजने अपने मायके जाती हैं, जहां सास सिंधारे का सामान देती हैं.

VIEW ALL