राजस्थान में कहां मनाई जाती है गुलाबी गणगौर ?

Sneha Aggarwal
Mar 18, 2025

गुलाबी गणगौर राजस्थान के नाथद्वारा में मनाई जाने वाली एक खास गणगौर है.

नाथद्वारा शब्द का मतलब है 'स्वामी का द्वार' है. गुलाबी गणगौर चैत्र शुक्ल पंचमी को मनाई जाती है.

नाथद्वारा, उदयपुर से 48 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में राजसमंद जिले में है. यह अरावली पहाड़ियों में बनास नदी के किनारे बसा है.

नाथद्वारा में गुलाबी गणगौर के दिन महिलाएं और लड़कियां ईसर-पार्वती की पूजा करती हैं. इस दिन महिलाएं गुलाबी कपड़े पहनती हैं.

नाथद्वारा, 17वीं शताब्दी के मंदिर के लिए भी मशहूर है.

यह मंदिर भगवान श्रीनाथजी (भगवान कृष्ण) को समर्पित है.

नाथद्वारा शब्द का मतलब है 'स्वामी का द्वार' है. श्रीनाथजी की हवेली में भी गुलाबी गणगौर का शृंगार किया जाता है.

गणगौर व्रत, गौरी तृतीया के दिन यानी चैत्र शुक्ल तृतीया को किया जाता है. इस व्रत का राजस्थान में बहुत महत्व है.

कहते हैं कि इसी व्रत के दिन देवी पार्वती ने अपनी उंगली से रक्त निकालकर महिलाओं को सुहाग बांटा था.

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