राणा सांगा से बाबर ने मांगी थी मदद और मेवाड़ के सम्राट ने....

Zee Rajasthan Web Team
Mar 24, 2025

राजस्थान के संग्राम सिंह, जिन्हे राणा सांगा के नाम से जाना जाता है, एक ऐसे योद्धा थे, जिनसे मुगल भी डरते थे.

एक आंख और एक हाथ से लड़ी गयी लड़ाइयां और अदम्य साहस के प्रतीक राणा सांगा मेवाड़ का गौरव माने जाते हैं.

मेवाड़ के शासक बने राणा सांगा और अपने साम्राज्य को पूर्व में आगरा और दक्षिण में गुजरात तक पहुंचा चुके थे.

इधर बाबर ने पंजाब में गुप्तचर भेजकर हालात का जायजा लेना शुरू कर दिया था, जिसका जिक्र बाबरनामा में भी है.

बाबर, अब राजपूत राजाओं के विरुद्ध युद्ध की तैयारी कर रहा था. कई इतिहासकार मानते हैं कि उनसे राणा सांगा से संपर्क किया था.

लेकिन मेवाड़ के सम्राट ने बाबर को ना कर दिया था. तो सवाल ये कि बाबर को भारत आने का न्योता किसने दिया था.

फरगाना से बाहर निकाला गया बाबर पानीपत की जीत के बाद खुश था और अब पूरे भारत को जीतना चाहता था.

1523 में बाबर को दिल्ली सल्तनत के प्रमुख लोगों ने बुलाया था. मकसद था इब्राहिम के शासन को चुनौती देना.

बाबर को आलम खान लोदी, दौलत खान लोदी और अलाउद्दीन ने भारत आने का न्यौता दिया था.

डिस्क्लेमर- ये लेख सामान्य जानकारी है, जिसकी ज़ी मीडिया पुष्टि नहीं करता है.

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