Shayari: बिछड़ना है तो झगड़ा क्यों करें हम... क्या आपने पढ़ें जॉन एलिया के ये 10 शानदार शेर

Ansh Raj
Nov 27, 2024

नया इक रिश्ता पैदा क्यूँ करें हम बिछड़ना है तो झगड़ा क्यूँ करें हम

ख़मोशी से अदा हो रस्म-ए-दूरी कोई हंगामा बरपा क्यूँ करें हम

ये काफ़ी है कि हम दुश्मन नहीं हैं वफ़ा-दारी का दावा क्यूँ करें हम

वफ़ा इख़्लास क़ुर्बानी मोहब्बत अब इन लफ़्ज़ों का पीछा क्यूँ करें हम

सुना दें इस्मत-ए-मरियम का क़िस्सा पर अब इस बाब को वा क्यों करें हम

ज़ुलेख़ा-ए-अज़ीज़ाँ बात ये है भला घाटे का सौदा क्यों करें हम

हमारी ही तमन्ना क्यूँ करो तुम तुम्हारी ही तमन्ना क्यूँ करें हम

किया था अह्द जब लम्हों में हम ने तो सारी उम्र ईफ़ा क्यूँ करें हम

उठा कर क्यों न फेंकें सारी चीज़ें फ़क़त कमरों में टहला क्यों करें हम

जो इक नस्ल-ए-फ़रोमाया को पहुँचे वो सरमाया इकट्ठा क्यों करें हम

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