ऐसे तो खाटू श्याम के दर्शन कभी भी कर सकते हैं लेकिन एकादशी और द्वादशी को खाटू श्याम जी के दर्शन करना शुभ माना जाता है.
वहीं, खास तौर पर फाल्गुन महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी को आमलकी एकादशी कहते हैं और इस दिन दर्शन का विशेष महत्व होता है.
इसके अलावा कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी को बाबा खाटू श्याम का जन्मदिन मनाया जाता है. ये दिन भी बाबा के दरबार में जाने के लिए शुभ माना जाता है.
वहीं, सीकर घूमने के लिए अक्टूबर से मार्च सबसे अच्छे महीने हैं. अक्टूबर में हल्की ठंड शुरू हो जाती है और इस दौरान पर्यटक सबसे अधिक आते हैं.
खाटू श्याम को भगवान श्रीकृष्ण का ही अवतार कहा जाता है.
खाटू श्याम जी को कच्चा दूध सबसे प्रिय है.
खाटू श्याम जाने के लिए रींगस रेलवे स्टेशन पर उतरना पड़ता है.
रींगस से खाटू श्याम मंदिर से 18 किलोमीटर दूर है. रींगस से खाटू श्याम जाने के लिए बस या टैक्सी मिलती है.
डिस्क्लेमर- ये लेख सामान्य जानकारी और लोगों द्वारा बताई गई कहानियों पर आधारित है, इसकी ज़ी मीडिया पुष्टि नहीं करता है.