यह मंदिर भगवान कृष्ण के प्रति बर्बरीक के महान बलिदान का प्रतीक है. उनके शीश के दान की कहानी हमें धर्म और भक्ति के लिए सब कुछ न्यौछावर करने की सीख देती है.
श्याम बाबा को कलियुग के देवता के रूप में पूजा जाता है. ऐसा माना जाता है कि उनके दर्शन करने से भक्तों के जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं और उन्हें सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है.