महाराजा गंगा सिंह ने पंजाब और हिमाचल से पानी लाने के लिए ऐतिहासिक गंग नहर बनवाई, जिसने पूरे क्षेत्र की किस्मत बदल दी. यही नहर इस “हरी क्रांति” की असली नींव बनी.
नहरों की बदौलत आई हरियाली और किसानों की मेहनत ने मिलकर श्री गंगानगर को “राजस्थान की खाद्यान्न टोकरी” बना दिया, एक ऐसा शहर जिसने रेगिस्तान को हरित क्रांति की मिसाल में बदल दिया.