राजस्थान का वो मंदिर जहां तहखाने में मिली अफीम

Zee Rajasthan Web Team
Feb 14, 2025

नारकोटिक्स विभाग की कार्रवाई

इस पत्र के बाद विभाग ने तुरंत कार्रवाई की और एक मंदिर से 58 किलो से अधिक अफीम को सीज कर लिया.

मंदिर में अफीम की जमाखोरी

यह अफीम पिछले कुछ वर्षों में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ावे के रूप में मंदिर के भंडार में जमा हुई थी.

अफीम किसानों की मान्यता

मेवाड़ और मालवा के अफीम किसान अच्छी फसल होने पर या तस्करों से सुरक्षित अफीम ले जाने के बदले मंदिर में मन्नत मांगते थे.

अफीम का उपयोग और बिक्री

करीब दो-तीन साल पहले तक, मंदिर के पुजारी इस अफीम का न केवल स्वयं उपयोग करते थे, बल्कि विशिष्ट भक्तों को प्रसाद के रूप में भी बांटते थे.

मंदिर मंडल की कार्रवाई

बाद में, मंदिर मंडल ने सख्ती बरतते हुए अफीम को अपने कब्जे में लेना शुरू किया और इसे गर्भगृह के नीचे बने तहखाने में सुरक्षित रखना शुरू कर दिया.

नारकोटिक्स विभाग की जांच

अब इस मामले की आगे की जांच की जा रही है, जिसमें यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि यह अफीम मंदिर में कैसे पहुंची और इसके पीछे कौन लोग शामिल थे.

मंदिर की मान्यता

लोग कहते हैं कि ईमानदारी की कमाई हो या बेईमानी की कमाई यहां पर सभी तरह के लोग आकर दान देते हैं और उनके दान देने से उनको सभी तरह की कमाई में बरकत होता है.

अफीम की तस्करी

अफीम की तस्करी के लिए कुख्यात इस इलाके में यह भी मान्यता है कि अफीम के तस्कर भी यहां पर अपनी काली कमाई का चढ़ावा चढ़ाते हैं.

58 किलो अफीम

चढ़ावे की 58 किलो अफीम को नारकोटिक्स ने अपने कब्जे में ले लिया है.

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