क्या होटल संचालकों को 1 करोड़ का पड़ेगा एप्रिसिएशन लेटर?

कोरोना पॉजिटिव लोगों को क्वारेंटाइन रखने के लिए शहर की कई होटल्स को जिला प्रशासन ने अधिग्रहण किया और करीब 15 से 16 दिन तक लोगों को ठहराया भी गया. 

क्या होटल संचालकों को 1 करोड़ का पड़ेगा एप्रिसिएशन लेटर?
प्रतीकात्मक तस्वीर

जयपुर: कोरोना पॉजिटिव लोगों को क्वारेंटाइन रखने के लिए शहर की कई होटल्स को जिला प्रशासन ने अधिग्रहण किया और करीब 15 से 16 दिन तक लोगों को ठहराया भी गया. उस दौरान सरकार ने आश्वासन देते हुए कहा था कि होटल को खर्च का भुगतान किया जाएगा. अब अपने पेमेन्ट और होटल में हुई तोड़फोड़ के भुगतान के लिए होटल एसोसिएशन ने जयपुर जिला कलेक्टर से मुलाकात की. उम्मीद तो भुगतान की थी, लेकिन कलेक्टर की बात सुनकर होटल मालिकों के चेहरे सफेद पड़ गए और खून सूख गया. 

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जिला कलेक्टर अंतर सिंह नेहरा ने कहा-मुंबई वालों जैसा बडा दिल रखों
कलेक्टर अन्तर सिंह नेहरा ने होटल मालिकों से बड़ा दिल दिखाने को कहा. लगे हाथ मुम्बई के होटल मालिकों की मिसाल भी दे दी. कहा मायानगरी में बड़े-बड़े होटल खोल दिये गए. उसी तरह आप भी करो. लगे हाथ कलेक्टर ने होटल मालिकों से तकरीबन बयासी लाख का पेमेन्ट माफ करने के बदले प्रशंसा पत्र देने का वादा भी किया.

क्या होटल संचालकों को 1 करोड़ का पड़ेगा एप्रिसिएशन लैटर?
-होटल में तोडफोड-क्वारेंटाइन सेंटर के बदले होटल संचालकों ने कलेक्टर से मांगे 1 करोड़
-जिला कलक्टर अंतर सिंह नेहरा ने कहा-मुंबई वालों जैसा बडा दिल रखों
-किसी ने खाना खिलाया, होटल वालों ने ठहराया, इसलिए माफ करें किराया
-मेरी दिली इच्छा, कि ये सहयोग के नाम पर  छोड़ो, एप्रिसिएशन लैटर दे देंगे
-होटल संचालकों ने कहा-एप्रिसेशन लैटर देने के लिए कई दुकानें खुली हुई हैं, हमें पैसा चाहिए
-जयपुर शहर में 5-6 होटल्स में बनाए गए थे क्वारेंटाइन सेंटर
-उधर जोधपुर, बीकानेर में भुगतान किया, लेकिन जयपुर में दोहरा व्यवहार
-जहां रुकी मेडिकल टीमें, वहां के हो गए भुगतान
-क्वारेंटाइन सेंटर वाली होटल्स को किया जा रहा है दरकिनार
-होटल एसोसिएशन ऑफ जयपुर के पदाधिकारी बोले - ये कैसी व्यवस्था ?

होटल संचालकों ने कहा-एप्रिसिएशन लैटर देने के लिए कई दुकानें खुली हुई हैं, हमें पैसा चाहिए
कोरोनाकाल में शहर की जिन होटल्स में लोगों को क्वारेंटाइन किया गया. उन्हें भुगतान के लिए मना किया जा रहा है. वहीं, जिन होटल्स में मेडिकल टीमें रूकी, उनका भुगतान हो रहा है. इस स्थिति पर होटल एसोसिएशन आफ जयपुर ने जिला प्रशासन के रवैये पर सवाल उठाए है. जबकि जयपुर के अलावा दूसरे जिलों की होटल्स में भुगतान की प्रक्रिया शुरू हो गई है. एसोसिएशन ने अपने भुगतान पत्र से बताया कि अधिग्रहण के दौरान एसडीएम और अन्य अधिकारियों ने सभी होटलों के कमरों के बिलों का भुगतान सरकार की ओर से किए जाने का आश्वासन दिया था, लेकिन भुगतान के बदले अब कलेक्टर की ओर से 'एप्रिसिएशन लैटर' देने की बात कही जा रही हैं.

कहा जा रहा है कि जिस तरह से कोरोनाकाल में लोगों ने अपने-अपने स्तर पर सहयोग किया. किसी ने खाना खिलाया तो किसी ने अन्य तरह से व्यवस्था की और होटल संचालकों ने ठहराने की व्यवस्था की इसका हम शुक्रिया करते हैं. कलेक्टर कहते हैं कि इस पर डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के अनुसार काम होगा.

उधर होटल एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि होटल को सेंटर बनाकर प्रशासन ने कहा कि अपना स्टाफ भी काम पर रखो. आश्वासन दिया कि जो भी खर्चा होगा, हम देंगे. एक होटल संचालक ने बताया कि उनकी होटल में 15 दिन, 53 कमरे लगे. 18 दिन तक अधिग्रहण किए रखा. लोगों ने काफी तोड़फोड़ कर नुकसान पहुंचाया. इसका जिम्मेदार कौन है? अब होटल मालिक प्रशासन पर बेवकूफ बनाने के आरोप लगा रहे हैं. इनका कहना है कि उन्हें कोई एप्रिसिएशन लैटर नहीं चाहिए. लैटर देने के लिए कई दुकानें खुली हुई है. लैटर के साथ पैसा भी चाहिए. कलेक्टर से हुई बातचीत का हवाला देते हुए होटल मालिक बताते हैं कि वे बिल माफ करने की बात कर रहे हैं, लेकिन क्या सरकार बिजली-पानी के बिल और दूसरे चार्जेज़ माफ करेगी? होटल में तोड़फोड़ के नुकसान की भरपाई कौन करेगा?

जोधपुर, बीकानेर में भुगतान किया, लेकिन जयपुर में दोहरा व्यवहार
आपकों बताते हैं दूसरे जिलों में किस हिसाब से हो रहा भुगतान
बीकानेर जिले में होटलों के भुगतान के लिए ऑर्डर हो गए

कई होटल्स के बिल बाकी थे, वे जमा करा रहे है....
एसी रूम के 750 रुपए और नॉन एसी 450 प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान
बीकानेर में 4 स्टार वाली होटल्स में प्रतिरूम प्रतिदिन 1000 रुपए और
बजट होटल में प्रतिरूम प्रतिदिन 800 रुपए का भुगतान

होटल्स द्वारा मांगी गई राशि (लगभग)
होटल कंचनदीप— 29 लाख 53 हजार
होटल कोहिनूर— 15 लाख 3 हजार
होटल नीलम— 16 लाख 80 हजार
होटल लिग्राड— 12 लाख 54 हजार
होटल पाम— 8 लाख 43 हजार
होटल चंदा गार्डन— 6 लाख 45 हजार

मजबूरन सरकार के खिलाफ करना होगा धरना-प्रदर्शन

बहरहाल, होटल संचालकों ने कोरोना काल में प्रशासन को तुरंत होटल्स सौंपी. कोरोना कहर के बीच प्रशासन के साथ जनसहयोग किया. सबसे ज्यादा फूड भी वितरित किए. आज वही से हमें नकारा जा रहा है. ऐसा व्यवहार गलत है. होटल एसोसिएशन के पदाधिकारी फिर से जिला कलेक्टर जयपुर से मिलेंगे.  दूसरे जिलों की प्रक्रिया के बारे में बताएंगे. फिर भी भुगतान नहीं होगा तो मंत्री से मिलेंगे. इस पर भी कुछ नहीं हुआ तो धरना प्रदर्शन पर मजबूर होना पड़ेगा.

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