राजस्थान: परिजनों ने गर्भवती महिला के लिए मांगी एंबुलेंस, तो मिला यह जवाब...

 मौजूदा समय में देश कोरोना (वायरस Coronavirus)की चुनौतियों का सामना कर रहा है और इससे बचाव के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है.

राजस्थान: परिजनों ने गर्भवती महिला के लिए मांगी एंबुलेंस, तो मिला यह जवाब...
प्रसूता को अस्पताल लाने के लिए उसके परिजनों ने एम्बुलेंस के लिए फोन किया.

जुगल गांधी/ अलवर: राजस्थान सरकार प्रसूताओं के लिए विभिन्न योजनाएं चलाती है, जिससे मातृ व शिशु दर कम हो. साथ ही मजबूत चिकित्सा सेवा होना के दावा करती है. इस बीच, मौजूदा समय में देश कोरोना वायरस (Coronavirus) की चुनौतियों का सामना कर रहा है और इससे बचाव के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है.

सरकार लगातार लोगों को भरोसा दिला रही है कि अपनी हेल्थ सिस्टम इस चुनौती से निपटने में सक्षम हैं. लेकिन चिकित्सा सेवा हमारे देश की कितनी दुरस्त हैं, इसकी तस्दीक अलवर के भिवाड़ी अंतर्गत खानपुर गांव का एक मामला करता है.
 
दरअसल, यहां एक प्रसूता को अस्पताल लाने के लिए उसके परिजनों ने जब एम्बुलेंस के लिए फोन किया गया तो जवाब मिला कि एक ही एम्बुलेंस है. अपने साधन से आ जाइए. ऐसे में धारा 144 व लॉकडाउन (Lockdown) के चलते साधन मिलना भी आसान नही था.

आखिर प्रसूता की हालत देख परिजनों ने एक टेंपो खोजा और उसी से उसे अस्पताल ले जाने के लिए निकल दिए, पर अस्पताल पहुंचने से पहले ही प्रसूता की तबियत बिगड़ गई और उसने टेम्पो में ही एक बच्चे को जन्म दिया.

इसके बाद लोगों के सहयोग से परिजन जच्चा-बच्चा लेकर अस्पताल पहुंचे. हालांकि, गनीमत रही कि दोनों स्वस्थ हैं. महिला ने लड़के को जन्म दिया है. वहीं, भले ही किसी तरह की कोई अनहोनी न हुई हो, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा की क्या सुविधाएं मिल पा रही है इससे अंदाजा लगाया जा सकता है.

बता दें कि, राजस्थान में पिछले 22 तारीख से लॉकडाउन है. वहीं, प्रदेश में कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमितों की संख्या राजस्थान में लगातार बढ़ती जा रही है. इस बीच, ईरान से भारतीयों में से 10 लोगों की कोरोना जांच पॉजिटिव आई है. इसके बाद अब राजस्थान में कोरोना वायरस  मरीजों की संख्या कुल 93 हो गई है.