बारां: अस्पताल के सामने महिला ने दिया बच्चे को जन्म, पति ने डॉक्टर पर लगाया यह आरोप...

महिला के पति ने बताया कि उसकी पत्नी गुड्डी बाई को लेकर वह अस्पताल में दिखाने गए थे और डॉक्टर कुशवाह को दिखाया था.

बारां: अस्पताल के सामने महिला ने दिया बच्चे को जन्म, पति ने डॉक्टर पर लगाया यह आरोप...
अस्पताल में इन दिनों स्टाफ की भारी कमी चल रही है.

राम मेहता/बारां: राजस्थान के नाहरगढ़ में डॉक्टर की लापरवाही से एक गर्भवती महिला की जान पर बन आई. खबर के मुताबिक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर को दिखाकर अस्पताल के सामने घर जाने का इंतजार कर रही महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हुई. जिसके बाद आनन-फानन में आस-पास के ग्रामीणों व महिलाओं ने पर्दा लगाकर प्रसव करवाया. 

ग्रामीणों की सूचना पर ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक नितिन कुशवाह चिकित्साकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे. प्रसूता का स्वास्थ्य परीक्षण किया. उसके बाद प्रसूता को अस्पताल में भर्ती करवाया गया. वहीं, इस मामले को लेकर पति व ग्रामीणों ने डॉक्टर और प्रसाशन को आड़े हाथों लिया. 

प्रसूता के पति जगन्नाथ गुर्जर ने बताया कि उसकी पत्नी गुड्डी बाई को लेकर वह अस्पताल में दिखाने गए थे और डॉक्टर कुशवाह को दिखाया था. तब उन्होंने हिमोग्लोबीन व अन्य जांच के लिए लिखा उसके बाद लैब में जांच करवाई. जहां पर हिमोग्लोबीन कम था, लेकिन उसके बाद किसी भी डॉक्टर द्वारा उन्हें उचित सलाह नहीं दी. 

पति के मुताबिक डॉक्टर के सही सलाह नहीं देने के कारण ही वह अपनी पत्नी को घर ले जाने के लिए स्वास्थय केंद्र से बाहर आ गए थे. वहीं, इसी दौरान प्रसूता के प्रसव पीड़ा शुरू हो गई. ऐसे में अस्पताल के सामने बने शेड में प्रसव हो गया. आसपास की महिलाओं ने साड़ी लगाकर प्रसव क्रिया करवाई उसके बाद चिकित्सा प्रशासन जागा तथा अस्पताल में भर्ती किया. 

प्रसूता के पति जगन्नाथ व उसके साथ आए एक युवक ने अस्पताल प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि चिकित्सा कर्मी द्वारा समय पर उचित सलाह दी गई होती तो उसकी पत्नी की जान सांसत में नहीं आती. अस्पताल में ना ही कोई एएनएम ने देखा ना ही चिकित्सा कर्मी द्वारा उनका उचित परीक्षण किया. वहीं, स्थानीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा भी उचित देखभाल नहीं की गई. जिससे उसकी पत्नी का प्रसव अस्पताल के बाहर हो गई. ऐसे में उसकी पत्नी व नवजात बच्ची को जान का खतरा हो सकता था.

जबकि इस पूरे मामले पर डॉ नितिन कुशवाह चिकित्सा प्रभारी नाहरगढ़ का कहना है की मेरे पास प्रसूता दिखाने आई थी मैंने उसकी कुछ स्वास्थ्य संबंधी जांच के लिए भेजा था. उसके बाद वह मेरे पास नहीं आई. मेरे बिना पूछे ही वह अस्पताल के बाहर चली गई. ऐसे में प्रसव बाहर हो गया. बाद में उसको अस्पताल में भर्ती कर दिया गया है. जिसके बाद अब जच्चा बच्चा दोनों सुरक्षित है.

बता दें कि अस्पताल में इन दिनों स्टाफ की भारी कमी चल रही है. एएनएम के पद भी रिक्त हैं. अस्पताल में एक एएनएम प्रशिक्षण पर गई हुई थी जबकि दूसरी एएनएम क्षेत्र में टीकाकरण के लिए गई हुई थी. ऐसे में प्रसूता की उचित देखभाल नहीं हो पाई. आसपास के उप स्वास्थ्य केंद्रों पर भी ऐएनएम के पद रिक्त चल रहे हैं  जिससे किशनगंज के एक दर्जन उप स्वास्थ्य केंद्रों पर ताले हैं.