COVID-19: लॉकडाउन के बीच मजदूरों का पलायन जारी, मदद के लिए आगे आ रहे लोग

मजदूरों का हाल कुछ ऐसा ही हर किसी की आंखें सुन कर नम हो जाएं.

COVID-19: लॉकडाउन के बीच मजदूरों का पलायन जारी, मदद के लिए आगे आ रहे लोग
प्रतीकात्मक तस्वीर.

प्रतापगढ़: लॉकडाउन के बीच मजदूरों का पलायन जारी है. इससे राजस्थान का सीमावर्ती जिला प्रतापगढ़ भी अछूता नहीं है. यहां रोज सैकड़ों मजदूर पहुंच रहे हैं. कहीं पुलिस तो कहीं स्थानीय समाजसेवी इनके खाने का बंदोबस्त कर रहे हैं. मजदूरों का हाल कुछ ऐसा ही हर किसी की आंखें सुन कर नम हो जाएं.

जब गुजरात के सूरत जिले से 1000 किलोमीटर दूर एमपी के मुरैना के लिए ये मजदूर निकले तो इन्हें नहीं पता था. रास्ते में इनकी मदद के लिए समाजसेवी खड़े होंगे. लॉकडाउन तो इन्हें लगा कि हो सकता है दो-तीन महीने तक काम न मिले.

ये सूरत से मुरैना जाते हुए प्रतापगढ़ के एमपी सीमा से लगे गांव राजपुरिया पहुंचे. यहां समाज सेवी लोगों ने इन्हें बैठा कर प्रेम से खाना खिलाया और हाल-चाल पूछा. इन मजदूरों ने जो बताया वह हैरान कर देने वाला था. ये गुजरात सूरत से 1000 किलोमीटर दूर एमपी के मुरैना के लिए निकले थे. पहले तो काफी देर पैदल चले लेकिन फिर किसी न किसी मदद से वाहनों में होते हुए सफर तय किया और यहां पहुंचे. अब प्रतापगढ़ से मुरैना की दूरी 586 किलोमीटर और है. इस कुछ पता नहीं कि आगे कोई मदद मिलेगी या पैदल ही जाना होगा.

इस जत्थे में कई महिलाएं और बच्चे भी थे, जिनकी नम आंखें देकर हर किसी को दया आ रही थी. हथुनिया थाना पुलिस की टीम भी यहां पहुंची और एक वाहन का इंतजाम कर इन्हें आगे कुछ दूरी तक रवाना किया. लोगों ने बताया कि ऐसे रोज कई मजदूर पैदल आ रहे हैं, जिनके लिए भी खाने-पीने का बंदोबस्त कर राहत प्रदान करने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन मजदूरों का जत्था है कि रुकने का नाम नहीं ले रहा.