सच निकलती है मकर संक्रांति पर बासवांड़ा के रहने वाले इस पंडित की भविष्यवाणी!

राजस्थान के जनजाति बहुल बांसवाड़ा जिले में 128 सालों से मकर संक्रांति का दिन आने वाले वर्ष के भविष्य को जानने के पर्व में रूप में मनाया जाता है. 

सच निकलती है मकर संक्रांति पर बासवांड़ा के रहने वाले इस पंडित की भविष्यवाणी!
मकर संक्रांति पर आदिवासियों का मेला सा उमड़ता है.

अजय ओझा, बांसवाड़ा: राजस्थान के जनजाति बहुल बांसवाड़ा जिले में 128 सालों से मकर संक्रांति का दिन आने वाले वर्ष के भविष्य को जानने के पर्व में रूप में मनाया जाता है. देश का एकमात्र यहीं अंचल होगा, जहां पर चोपड़ा बांचते पंडित से भविष्य सुनने के लिए हजारों आदिवासी लोग अपने सारे कामकाज छोड़कर एक गांव में जुटते हैं.

मकर संक्रांति का दिन भले ही देशभर में दान-पुण्य और गंगा-स्नान से पुण्य अर्जन के लिए मनाया जाता है परंतु राजस्थान के जनजाति बहुल बांसवाड़ा जिले में 128 सालों से मकर संक्रांति का दिन आने वाले वर्ष के भविष्य को जानने के पर्व में रूप में मनाया जाता है. 

सूचना प्रौद्योगिकी के तीव्र गति से विकास के बाद आए बदलावों के बीच देश का एकमात्र यहीं अंचल होगा जहां पर चोपड़ा बांचते पंडित से भविष्य सुनने के लिए हजारों आदिवासी लोग अपने सारे कामकाज छोड़कर एक गांव में जुटते हैं. जी हां, यह है बांसवाड़ा जिले का भूंगड़ा गांव, जो जिला मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूरी पर स्थित है. इस गांव में आम दिनों में तो सन्नाटा सा रहता है परंतु मकर संक्रांति पर आदिवासियों का मेला सा उमड़ता है. 

यहीं पर पंडितजी अपने चोपड़े में से भविष्य पढ़ते हैं. यह नजारा शब्दों की भांति आने वाले भविष्य की तस्वीर पेश करता प्रतीत होता है. आसपास और दूर-दराज के एक साथ बीसियों हजार आदिवासी जब यहां जुटते हैं तो लगता नहीं कि सारे लोग सिर्फ भविष्य सुनने के लिए यहां आए हों. हर व्यक्ति पंडित जी से अपने आनेवाले वर्ष का भविष्यफल जानने का उत्सुक रहता है. सिर्फ बांसवाड़ा जिले ही नहीं, अपितु आसपास के गुजरात और मध्य प्रदेश के सरहदी इलाकों से भी लोग यहां पर पहुंचते हैं. 

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कैसा होगा साल 2020?
पंडितण दिक्षेष पंडीया ने इस बार भविष्य बताया कि सोना-चांदी महंगा होगा. पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी होगी. किसानों के लिए यह साल सामान्य रहेगा. इस बार गर्मी ज्यादा बढ़ेगी. प्राकतिक प्रकोप ज्यादा होंगे. रेगिस्तान वाले इलाकों में तकलीफ ज्यादा आएगी. बरसात इस बार खंड वर्षा होगी. सरकार किसानों के लिए बेहतर योजना लाएगी. 

राजनेताओं के लिए यह साल अच्छा नहीं रहेगा. वनक्षेत्रों में आगजनी ज्यादा रहेगी. पक्षियों पर इस साल भार रहेगा. फसलों की पैदावार इस साल सामान्य रहेगी. लोगों को इस बार तकलीफें ज्यादा रहेंगी. लोगों की तकलीफ दूर करने के लिए सरकार नई-नई योजनाएं बनाएगी.