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राजस्थान में विदेशी पर्यटकों को आकर्षित कर रही योग और मेडिटेशन की शिक्षा

सांस्कृतिक रूप से समृद्ध शहर के ये यात्री (योग की) मुद्रा और मेडिटेशन (ध्यान) सीख रहे हैं और फिर अपने देशों में स्वास्थ्य और धन दोनों का लाभ प्राप्त करने के लिए योग केंद्र भी खोल रहे हैं.

राजस्थान में विदेशी पर्यटकों को आकर्षित कर रही योग और मेडिटेशन की शिक्षा
सैलानियों के मुताबिक योग के मामले में ऋषिकेश के ठीक बाद जयपुर है.

जयपुर: राजस्थान की राजधानी में आने वाले विदेशी पर्यटक न केवल शहर की यात्रा कर रहे हैं, बल्कि एक मकसद के साथ भी आ रहे हैं. वे योग सीखने आ रहे हैं और इस विरासत को अपने देश लेकर जा रहे हैं. सांस्कृतिक रूप से समृद्ध शहर के ये यात्री (योग की) मुद्रा और मेडिटेशन (ध्यान) सीखते हैं और फिर अपने देशों में स्वास्थ्य और धन दोनों का लाभ प्राप्त करने के लिए योग केंद्र खोलते हैं.

स्पेन की पाल्मा ने मीडिया से कहा, 'स्पेन में योग की धूम है. जब मैं आधिकारिक दौरे पर अपने पति के साथ छह महीने के लिए जयपुर आई, तो बार्सिलोना में कॉर्पोरेट्स के लिए एक योग केंद्र चलाने वाली मेरी भतीजी ने मुझे मेरे प्रवास के दौरान योग और ध्यान की कला सीखने का सुझाव दिया. उसने कहा कि स्पेन में लोग योग का अभ्यास करना चाहते हैं और यह अच्छा होगा कि मैं इसे सीखूं'.

उन्होंने कहा, 'मैंने तुरंत पता किया और एक योग केंद्र पहुंच गई. इस प्राचीन अभ्यास को सीखने के लिए एक अद्भुत भावना थी, जिसने मुझे शांत, चुस्त और सक्रिय बना दिया. स्पेन लौटने पर, मैं अक्टूबर में अपनी योग कक्षाएं शुरू करूंगी क्योंकि सितंबर काफी गर्म होता है और लोग छुट्टी के मूड में होते हैं'. पाल्मा ने कहा, 'वहां हर कोई यह जानकर उत्साहित है कि वे एक सर्टिफाइड ट्रेनर के साथ योग केंद्र में होंगे'.

हांगकांग के शेरोन ने कहा कि जयपुर में योग प्रशिक्षण पूरा करने के बाद वह हांगकांग लौट गए और योग स्टूडियो में पढ़ाना शुरू किया. वर्तमान में, वह एक अंतर्राष्ट्रीय प्राथमिक विद्यालय में योग सिखाते हैं और एक पूर्णकालिक प्राथमिक शिक्षक के रूप में भी वहां काम करते हैं. दुबई के एक होटल में कार्यरत भूपिंदर ने जयपुर में योग सीखा और अब वह पार्ट-टाइम बेसिस पर वहां योग कक्षाएं संचालित कर रहे हैं. जहां ये पेशेवर विदेश में योग को अगले स्तर तक ले गए हैं, वहीं फ्रांस में एक योग पेशेवर, डैपहन ड्यूडेमाइन ने अपने छात्रों के साथ यहां योग सत्रों में भाग लेने और उन्हें इस राष्ट्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने की योजना बनाई है.

उन्होंने कहा, 'मैं एक योग इंटीग्रल टीचर हूं. मैं समूहों, संघों और योग स्टूडियो को भी योग अपनी योग संबंधी प्रशिक्षण देता हूं. मैं निजी प्रशिक्षण भी देता हूं और फ्रांस या अन्य देशों में योग इंटर्नशिप और र्रिटीट आयोजित करता हूं. 2020 में, मैं साइप्रस और ग्रीस में योग र्रिटीट का आयोजन करूंगा. भारत भी मेरे कैलेंडर में है. मैं इस परियोजना को तैयार करने के लिए अक्टूबर/नवंबर में भारत का दौरा करूंगा. मैं योग को साझा करना चाहता हूं और अपने छात्रों को भारतीय संस्कृति से परिचित कराना चाहता हूं'.

जयवर्धन राठौर फ्रेंच सीखने के लिए फ्रांस गए थे. सांस्कृतिक आदान-प्रदान करने के जुनून से प्रेरित होकर, राठौड़ ने वहां मुफ्त योग कक्षाएं शुरू कीं. यहां एक निजी विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर राठौड़ ने कहा, 'मैं एक अल्पकालिक कोर्स के लिए फ्रांस गया था. जैसा कि मैंने 200 घंटे का योग पूरा किया था, मैंने उनसे फ्रेंच सीखने और उन्हें योग सिखाने के विचार के साथ वहां योग कक्षाएं शुरू कीं'.

योगस्थली जयपुर के निदेशक, योगी उमेश शर्मा ने कहा, 'छात्र दुनिया के सभी हिस्सों से आ रहे हैं, जैसे आस्ट्रेलिया, ब्राजील, दुबई, स्पेन, ब्रिटेन और अमेरिका, जो यह साबित करते हैं कि योग का कोई धर्म नहीं है. वे योग की कला सीखने के लिए काफी उत्सुक हैं. वे एक उद्देश्य और लक्ष्य के साथ आते हैं. इसलिए, उन्हें सिखाना आसान है. उन्होंने कहा, 'कई लोग अपने देशों में लौट गए हैं और अपने केंद्र शुरू कर चुके हैं. हम संपर्क में रहते हैं और वे साझा करते हैं कि उनके छात्र योग सीखने के बाद कितने खुश हैं. मेरे लगभग 50 छात्रों ने टीचर ट्रेनिंग कोर्स पूरा किया है और विदेशों में अपने केंद्र खोल दिए हैं'.

शर्मा ने कहा कि जैसा कि हम सभी जानते हैं कि ऋषिकेश विश्व योग राजधानी है, लेकिन यहां के पर्यटकों को योग शिक्षण से प्यार हो गया है. इसलिए यह कहना गलत नहीं होगा कि इस मामले में ऋषिकेश के ठीक बाद जयपुर है.