Zee Rajasthan के शो 'ऑपरेशन गुड़िया' को सम्मान, बेस्ट न्यूज के लिए मिला ENBA अवार्ड

3 अगस्त 2019 को ज़ी राजस्थान ने जिस्म के कारोबार में धकेल दी गई लड़कियों को लेकर एक बड़ा स्टिंग ऑपरेशन किया था. 

Zee Rajasthan के शो 'ऑपरेशन गुड़िया' को सम्मान, बेस्ट न्यूज के लिए मिला ENBA अवार्ड
इस स्टिंग ऑपरेशन में एक लड़की के जरिए जी राजस्थान ने बड़ा खुलासा किया.

जयपुर: जी राजस्थान के स्पेशल शो 'ऑपरेशन गुड़िया' को ENBA अवार्ड से सम्मानित किया गया. ऑपरेशन गुडिया को ये अवार्ड बेस्ट न्यूज कवरेज़ की कैटेगिरी में दिया गया है. ऑपरेशन गुड़िया देहव्यापार में धकेली जाने वाली लड़कियों पर था. इस ऑपरेशन में जी राजस्थान ने स्टिंग ऑपरेशन के जरिए दलालो के नेटवर्क का भांडाफोड किया था. आपको बता दें, कि जी राजस्थान के इस ऑपरेशन गुड़िया का जबरदस्त असर हुआ था. इस ऑपरेशन को दिखाये जाने के बाद राजस्थान की पुलिस ने जगह जगह छापे मारे थे. देहव्यापार में जोर जबरदस्ती धकेली गई कई लड़कियों को आजाद कराया था.

बता दें कि, 3 अगस्त 2019 को जी राजस्थान ने जिस्म के कारोबार में धकेल दी गई लड़कियों को लेकर एक बड़ा स्टिंग ऑपरेशन किया था. यह स्टिंग ऑपरेशन राजस्थान के तीन जिले अजमेर के नापाखेड़ा, भीलवाड़ा के इटूंडा और बूंदी के रामनगर में किया गया था. हमारे स्टिंग ऑपरेशन में सनसनीखेज खुलासे हुए थे. हमारी पड़ताल में पता चला था कि बेहद छोटी उम्र में लड़कियों को अगवा कर लिया जाता है. उसका नकली पहचान का प्रमाण पत्र तैयार करवाया जाता है. उसे हार्मोन के इंजेक्शन देकर 10 से 12 साल की उम्र की लड़कियों को जवान करने की कोशिश की जाती है और फिर उसे देह व्यापार में धकेल दिया जाता है.

इस स्टिंग ऑपरेशन में एक लड़की के जरिए जी राजस्थान ने बड़ा खुलासा किया. दरअसल, उत्तरप्रदेश के चित्रकूट की एक लड़की जो कि 8 साल की थी तभी उसे अगवा किया गया था. तीन साल बाद यानि 12 साल की उम्र में उसे देहवयापार में उतार दिया गया. तकरीबन 9 साल तक इस धंधे में इस लड़की के साथ शोषण होता रहा. जी राजस्थान के स्टिंग ऑपरेशन में जब ये लड़की सामने आई तब इसकी उम्र 21 साल की हो चुकी थी. बीते 9 साल की प्रताड़ना का जब इस लड़की ने जी राजस्थान के कैमरे पर खुलासा किया तो हर कोई हिल गया.

पीड़ित लड़की ने जी राजस्थान से बात करते हुए कई सनसनीखेज खुलासे किए थे. लड़की ने हमें बताया एक दिन में सौ से ज्यादा ग्राहकों के पास उसे भेजा जाता था, इनकार करने पर उसे गर्म तेल से जलाया जाता था. जी राजस्थान के स्टिंग ऑपरेशन में खुलासा हुआ था कि दलाल, स्टांप पेपर पर लड़कियों को बेचते थे. देह धंधे में शामिल लोग 3 या 4 साल की उम्र की लड़कियों को किडनैप करते थे. फिर खुद उसके नकली मां-बाप बन जाते थे. लड़कियां भी उन्हें ही अपना मां-बाप समझने लगती थीं. लड़कियों का फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड तक बनाया जाता था. फिर जवान करने के बाद लड़कियों को 15 से 20 लाख रुपये में बेच दिया जाता था. 

वहीं, हमारे स्टिंग ऑपरेशन में खुलासा हुआ था कि देह व्यापार में शामिल लोगों ने पुलिस के साथ हाथ मिलाकर रखा हुआ था. जिस वजह से पुलिस इनके अड्डे पर छापेमारी नहीं करती थी. अगर कोई लड़की भागकर पुलिस के पास पहुंचती थी तो पुलिसवाले उसे वापस उन्हीं दरिंदों के पास पहुंचा देते थे. ज़ी राजस्थान ने उन पुलिसवालों का भी स्टिंग किया, जो देह धंधे में शामिल लोगों से मिले थे. स्टिंग ऑपरेशन में खुद पुलिस वाले ने कबूल किया कि इसके लिए उसे भारी-भरकम रकम मिलती थी.

जी राजस्थान के स्टिंग ऑपरेशन का जबरदस्त असर हुआ. प्रदेश सरकार ने फौरन पुलिस अधिकारियों की एक बड़ी टीम का गठन कर दिया. राजस्थान पुलिस ने भीलवाड़ा, अजमेर और बूंदी में लगातार छापेमारी करने लगी. करीब 3 महीने तक राजस्थान के अलग अलग हिस्सों में छापेमारी होती रही. पुलिस ने लगातार कार्रवाई करते हुए 15 लड़कियों को आजाद करवाया. ये इस ऑपरेशन की बड़ी कामयाबी थी. पुलिस ने लड़कियों से धंधा करवाने वाले सभी मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और उनके पास से फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड समेत कई दस्तावेज बरामद हुआ. गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ के दौरान कबूल किया कि वो लड़कियों का किडनैप करते हैं. उन्हें जवान बनाने वाला इंजेक्शन देते हैं और फिर उन्हें देह धंधे में धकेल देते हैं.

जी राजस्थान अपने सामाजिक सरोकार में हमेशा आगे रहा है और हमारे खुलासे के बाद देह व्यापार से आजाद करवाई गईं 15 लड़कियां जिनकी उम्र 10 साल से 15 साल के बीच थी, वो आज खुली हवा में सांस ले रही हैं.