close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

छत्‍तीसगढ़ नक्‍सली हमला: हालात का जायजा लेने पहुंचे राजनाथ, सीआरपीएफ ने कहा लूटे गए हथियारों से फिर हमला कर सकते हैं नक्‍सली

छत्तीसगढ़ में नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में पिछले 10 दिनों के भीतर एक ही स्थान पर दूसरे बड़े नक्‍सली हमले में सोमवार को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के दो अधिकारियों समेत 14 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई। वहीं, इस हमले में 12 अन्य पुलिसकर्मी घायल हो गए। उधर, केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह हालात का जायजा लेने के लिए मंगलवार को छत्तीसगढ़ के सुकमा जाएंगे।

छत्‍तीसगढ़ नक्‍सली हमला: हालात का जायजा लेने पहुंचे राजनाथ, सीआरपीएफ ने कहा लूटे गए हथियारों से फिर हमला कर सकते हैं नक्‍सली

रायपुर : छत्तीसगढ़ में नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में पिछले 10 दिनों के भीतर एक ही स्थान पर दूसरे बड़े नक्‍सली हमले में सोमवार को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के दो अधिकारियों समेत 14 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई। वहीं, इस हमले में 12 अन्य पुलिसकर्मी घायल हो गए। उधर, केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह हालात का जायजा लेने के लिए मंगलवार को छत्तीसगढ़ के सुकमा पहुंचे।

रिपोर्ट के अनुसार, छत्तीसगढ़ में नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में नक्सलियों ने ना सिर्फ 14 जवानों को मौत के घाट उतारा बल्कि अपने साथ कई हथियारों को भी लूटकर ले गए। नक्सलियों ने इस हमले के बाद सीआरपीएफ के हथियारों की लूटपाट भी की। नक्सलियों ने जो हथियार चुराए उनमें 10 एके-47 राइफल, 1 लाइट मशीन गन, 1 एसएलआर राइफल, 1 वीएचएफ सेट, दूरबीन और सीआरपीएफ के कई बुलेट प्रूफ जैकेट चुराकर ले गए है। गृह मंत्रालय को भेजे गए रिपोर्ट में सीआरपीएफ ने इस बात की चिंता जताई है कि फिर से हमला करने के लिए नक्‍सली लूटे गए हथियार का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। खुफिया एजेंसियों ने भी कथित तौर पर इसी तरह की आशंका जताई है।

गौर हो कि मुख्यमंत्री रमन सिंह ने देर रात संवाददाताओं को बताया कि रिपोर्टों के अनुसार, 14 सीआरपीएफ कर्मी मारे गए और 12 अन्य घायल हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने हमले की निंदा की है। प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया, ‘सुकमा में राष्ट्र विरोधी तत्वों द्वारा किए गए नृशंस और अमानवीय हमले की निंदा करने के लिए शब्द नहीं हैं।’

वहीं, राजनाथ सिंह ने इसे कायराना हरकत बताया। हालात का जायजा लेने के लिए सिंह मंगलवार को छत्तीसगढ़ पहुंचे। सिंह ने संवाददाताओं से कल कहा था कि नक्सलियों ने मासूम ग्रामीणों को ढाल बनाकर हमला किया। राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सुकमा जिले के चिंतागुफा थाना क्षेत्र में दोरनापाल और चिंतलनार गांव के मध्य नक्सलियों ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के गश्ती दल पर घात लगाकर हमला कर दिया। इस हमले में सीआरपीएफ के एक असिस्टेंट कमांडेंट राजेश कपूरिया और एक डिप्टी कमांडेंट बीएस वर्मा समेत 14 पुलिसकर्मी शहीद हो गए। वहीं इस घटना में 12 पुलिसकर्मी घायल हैं जिनमें से छह की हालत गंभीर है।

अधिकारियों ने बताया कि चिंतागुफा थाना क्षेत्र से 29 नवंबर को सीआरपीएफ के 223वीं बटालियन और 206 कोबरा बटालियन के अधिकारियों और जवानों को नक्सल विरोधी आभियान में रवाना किया गया था। आज वापसी के दौरान नक्सलियों ने कासलपाड़ा गांव के जंगल में पुलिस दल पर घात लगाकर हमला कर दिया। बाद में पुलिस जवानों ने भी नक्सलियों पर जवाबी कार्रवाई की।

गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इस घटना से व्यक्तिगत रूप से मैं बहुत आहत हूं। मैं पीड़ित सीआरपीएफ के बहादुर जवानों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं। नक्सली बौखलाये हुए हैं और उन्होंने कायराना हरकत की है। सरकार किसी भी कीमत पर हिंसा की इजाजत नहीं देगी। यह हमला सिर्फ सरकार के लिए ही नहीं बल्कि देश और देश के समस्त शांतिप्रिय नागरिकों के लिए चुनौती है। सिंह ने इस घटना को लेकर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह से बात की है और उनसे कहा है कि वह स्थिति पर नजर रखें। सीआरपीएफ के एक अधिकारी ने बताया कि नक्सलियों ने स्थानीय लोगों और ग्रामीणों को ढाल बनाकर सीआरपीएफ के गश्ती दल पर गोलीबारी शुरू की। उन्होंने लोगों को ढाल बनाया ताकि सुरक्षाकर्मी सावधानी बरतते हुए जवाबी गोलीबारी करें। उन्होंने कहा कि एक दस्ता अभियान चलाने के लिए बीते 10 दिनों से जंगलों में ही था। अधिकारी ने कहा कि ज्यादातर जवानों की मौत गोली लगने से हुई है। मारे गए जवानों के पार्थिव शरीर और घायलों को हवाई मार्ग से जगदलपुर ले जाया जाएगा और फिर मंगलवार को रायपुर ले आया जाएगा।

गौरतलब है कि बीते 21 नवंबर को इसी इलाके में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में सीआरपीएफ के पांच जवान घायल हो गए थे। नक्सलियों ने वायुसेना के एक हेलीकॉप्टर पर भी धावा बोला था जिसमें वायुसेना का एक कमांडो घायल हो गया था। इस हमले से एक दिन पहले मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा था कि राज्य सरकार और केंद्र के साझा प्रयासों से छत्तीसगढ़ नक्सल मुक्त हो जाएगा।