वेब आधारित टैक्सी सेवाओं पर रोक सुनिश्चित करें: राजनाथ सिंह

राष्ट्रीय राजधानी में एक कैब में एक युवती के साथ हुई बलात्कार की घटना की निंदा करते हुए केंद्र ने आज सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से उबेर सहित वेब आधारित टैक्सी सेवाओं पर रोक सुनिश्चित करने को कहा।

नई दिल्ली : राष्ट्रीय राजधानी में एक कैब में एक युवती के साथ हुई बलात्कार की घटना की निंदा करते हुए केंद्र ने आज सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से उबेर सहित वेब आधारित टैक्सी सेवाओं पर रोक सुनिश्चित करने को कहा।

गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने आज राज्यसभा में अपनी ओर से दिए गए एक बयान में कहा ‘गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को वेब आधारित टैक्सी सेवाओं के परिचालन पर रोक सुनिश्चित करने की सलाह दी है। ’ देश में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव कदम उठाने का आश्वासन देते हुए सिंह ने कहा कि केंद्र ने राज्यों को ऐसी सेवा प्रदाताओं पर रोक लगाने की सलाह दी है जिनके पास सेवाओं के लिए लाइसेंस नहीं है।

उन्होंने हालांकि स्पष्ट किया कि सरकार टैक्सी सेवाओं पर रोक लगाने के पक्ष में नहीं है। लेकिन वह इनका परिचालन नियमित करना चाहती है। ‘मैं यह कहना चाहता हूं कि इस संबंध में हमारे इरादों पर सवाल नहीं उठाए जाने चाहिए।’ गृह मंत्री ने कहा ‘भारत सरकार इस जघन्य कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा करती है। मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि दोषी को न्याय के दायरे में लाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं।’

गृह मंत्री ने कहा कि दिल्ली पुलिस भी अपराध में टैक्सी सेवा उबेर की कानूनी जवाबदेही की संभावना टटोल रही है और परिवहन विभाग इस सेवा पर पहले ही प्रतिबंध लगा चुका है। इस घटना को ‘राष्ट्रीय शर्म’ करार देते हुए सिंह ने कहा कि गृह मंत्री होने के नाते इस मामले से उन्हें गहरी पीड़ा हुई है। उन्होंने कहा कि इस साल नवंबर तक देश भर में बलात्कार के करीब 25,000 मामले दर्ज किए गए। सिंह ने कहा कि बलात्कार के मामलों में दोष सिद्धि की दर राष्ट्रीय औसत की तुलना में दिल्ली में अधिक है।

गृह मंत्री ने कहा कि कानून की कमी नहीं है लेकिन अगर ऐसी घटनाओं पर रोक लगाना है तो कानूनों का समुचित कार्यान्वयन समय की मांग है। उन्होंने कहा कि आरोपी पहले भी बलात्कार के आरोप में पकड़ा गया था और एक साल बाद छूट गया था। उन्होंने कहा कि उसने फर्जी चरित्र प्रमाणपत्र भी हासिल कर लिया था। सुनसान इलाकों में सुरक्षा को लेकर सदस्यों के चिंता जताए जाने पर गृह मंत्री ने कहा कि राजधानी के 255 संवेदनशील इलाकों और सड़कों पर गश्त की जा रही है और ‘‘ऐसे स्थानों पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मैं एक बैठक बुलाउंगा।’

राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में सिंह ने बताया ‘200 बसों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा चुके हैं। 3707 सार्वजनिक स्थानों में भी ऐसे कैमरे लगाए गए हैं तथा 1500 और स्थानों पर ऐसे कैमरे लगाए जाने की योजना है।’ गृह मंत्री ने कहा ‘हम यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई शिकायत मिलने पर पीसीआर वैनें तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें, चाहे इस बारे में उन्हें कोई कॉल की गई हो या नहीं।’’ उन्होंने कहा कि पीसीआर वैनों की संख्या बढ़ा कर जल्द ही 1000 की जाएगी। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि राजधानी में सुरक्षा की दृष्टि से सभी सार्वजनिक परिवहन प्रणालियों में जीपीएस प्रणाली लगाना अनिवार्य किया गया है।

गृह मंत्री ने कहा कि राज्यों को सलाह दी गई है कि वह टैक्सी सेवाओं को समुचित प्रमाणन एवं पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी होने पर ही परिचालन की अनुमति दें। इस प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता भी अपनाई जानी चाहिए। निर्भया कोष के बारे में सिंह ने बताया कि 320 करोड़ रूपये महिला सुरक्षा आपात प्रतिक्रिया योजना के लिए स्वीकृत किए गए हैं और परियोजना अगले छह से सात माह में कार्यान्वित की जाएगी।

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