महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री को लेकर फैसला अब अब दीवाली के बाद

बीजेपी के चुनाव पर्यवेक्षक के तौर पर केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह और पार्टी के वरिष्‍ठ नेता जेपी नड्डा का मुंबई दौरा टल गया है। राजनाथ अब दीवाली के बाद मुंबई जाएंगे। पहले इन दोनों नेताओं का मंगलवार को मुंबई जाने का कार्यकम था।

महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री को लेकर फैसला अब अब दीवाली के बाद

ज़ी मीडिया ब्‍यूरो

नई दिल्‍ली/मुंबई : केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह महाराष्ट्र में बीजेपी के नवनिर्वाचित विधायकों से मुलाकात करने और नेतृत्व के मुद्दे एवं राज्य में सरकार के गठन पर चर्चा करने के लिए दिवाली के बाद मुंबई जाएंगे। राजनाथ का पहले मंगलवार को मुंबई जाने का कार्यकम था जो अब टल गया है। इससे यह साफ हो गया कि महाराष्‍ट्र में नई सरकार का गठन अब दीवाली के बाद होगी। साथ ही महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री को लेकर फैसला भी टल गया है।

जानकारी के अनुसार, महाराष्‍ट्र में बीजेपी विधायक दल की बैठक भी टल गई है। ये बैठक अब दीवाली के बाद होगी। पहले मंगलवार को विधायक दल की बैठक होनी थी। सभी विधायकों को दीपावली पर्व के मद्देनजर अपने घर जाने के लिए कहा गया है।

बीजेपी के चुनाव पर्यवेक्षक के रूप में महाराष्ट्र जाने के संबंध में गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि वह दिवाली के बाद महाराष्ट्र जाएंगे। महाराष्‍ट्र में सरकार बनाने को लेकर राजनाथ ने कहा कि कहीं कोई पेंच नहीं है, इसमें पेंच फंसने का सवाल ही नहीं है। बीजेपी दीवाली के बाद सरकार बनाने की ओर अग्रसर होगी। उन्होंने यहां संवाददाताओं को बताया कि मैं आज नहीं जा रहा। मुझे लगता है कि मैं दीपावली के बाद मुंबई जाउंगा। सिंह भाजपा के पर्यवेक्षक के तौर पर वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा के साथ मुंबई जाएंगे। वहां वे भाजपा के विधायक दल का नेता चुनने में विधायकों की मदद करने के लिए जाएंगे। भाजपा के संसदीय दल के फैसले के अनुसार, सिंह और नड्डा को पहले सोमवार को को मुंबई जाना था लेकिन फिर उन्होंने इस यात्रा में बदलाव का फैसला किया। जब उनसे पूछा गया कि क्या भाजपा के विधायक दल का नेता चुनने में कोई बाधा आ रही है तो सिंह ने कहा कि नहीं, कोई बाधा नहीं है। अब तक भाजपा ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के बारे में कोई फैसला नहीं किया है।

एकनाथ खडसे और विनोद तावड़े जैसे वरिष्ठ नेताओं की ओर से मिल रही चुनौती से पार पाते हुए महाराष्ट्र में भाजपा के प्रमुख देवेंद्र फड़नवीस का नाम मुख्यमंत्री पद की संभावित पसंद के रूप में सामने आया। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के करीबी बताए जाने वाले सिंह अपने पुराने सहयोगी से मुलाकात कर सकते हैं। महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में 123 सीटें हासिल करने वाली भाजपा को 288 सदस्यों वाली विधानसभा में आधी सीटों के मापदंड को पूरा करने के लिए कम से कम 22 विधायकों की जरूरत है। शिवसेना ने 63 सीटें जीतीं हैं । भाजपा और शिवसेना का गठबंधन चुनाव से ठीक पहले सीट बंटवारे के मुद्दे टूट गया था।

गौर हो कि हरियाणा और महाराष्ट्र में बेहतर प्रदर्शन करने वाली बीजेपी की ओर से दोनों राज्यों में सरकार गठन की पहल को आगे बढ़ाया जा रहा है। इस संबंध में पार्टी अध्‍यक्ष अमित शाह ने आगे की रणनीति के बारे में सोमवार को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से विचार-विमर्श किया। शाह ने गडकरी के निवास पर जाकर उनसे महाराष्ट्र में सरकार गठन की संभावनाओं के संबंध में चर्चा की। गौर हो कि गडकरी महाराष्ट्र से पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं और उनके राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से अच्छे संबंध हैं।