राज्यसभा चुनाव के बाद उच्च सदन में और 'मजबूत' हुई BJP, कांग्रेस हुई 'कमजोर'

कांग्रेस की जाए तो इन चुनावों में पार्टी ने 4 सीटों का नुकसान झेलना पड़ा है. इसके साथ ही अब संसद के इस उच्च सदन में भगवा पार्टी की स्थिति उनके करीबी प्रतिद्वंद्वी के मुकाबले काफी मजबूत हो गई है.

राज्यसभा चुनाव के बाद उच्च सदन में और 'मजबूत' हुई BJP, कांग्रेस हुई 'कमजोर'
उच्च सदन में अब बीजेपी के पास 69, कांग्रेस के पास 50 सीटें हो गई हैं. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली : राज्यसभा चुनावों में 9 सीटें बीजेपी के खाते में जाने के बाद पार्टी के खाते में 11 सीटों का इजाफा हुआ है. वहीं बात अगर कांग्रेस की जाए तो इन चुनावों में पार्टी ने 4 सीटों का नुकसान झेलना पड़ा है. इसके साथ ही अब संसद के इस उच्च सदन में भगवा पार्टी की स्थिति उनके करीबी प्रतिद्वंद्वी के मुकाबले काफी मजबूत हो गई है.

बहुमत से अब भी दूर है बीजेपी
शुक्रवार (24 मार्च) को खत्म हुए चुनावों में बीजेपी के 28 प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है. यानि की राज्यसभा के 245 सदस्यों में से 58 सीटों पर कब्जा कर चुकी बीजेपी की 69 सीटें हो जाएंगी. मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस की बात की जाए तो कांग्रेस के पास पहले 54 सीटें थी जो अब गिराकर 50 हो गई हैं. हालांकि बीजेपी राज्यसभा में अब भी बहुमत से काफी पीछे हैं. 

टीडीपी के सांसदों के कारण घटी बीजेपी की ताकत
राज्यसभा में बीजेपी की ताकत टीडीपी के कारण भी घटी है. बीजेपी को हाल ही में झटका देते हुए टीडीपी ने एनडीए गठबंधन तोड़ दिया था, जिसके कारण बीजेपी के राज्यसभा सांसदों की संख्या 6 कम हो गई. बहरहाल, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी जैसे अपने प्रमुख विपक्षी दलों की संख्या में गिरावट से बीजेपी खेमा काफी उत्साहित है. सपा की झोली में केवल एक सीट आई है जबकि सदन में उसके छह सदस्यों का कार्यकाल अब खत्म होने जा रहा है.

बीजेपी को मिलेगा इन पार्टियों का समर्थन!
बीजेपी के सूत्रों के हवाले से मिल रही जानकारी के मुताबिक सदन में पहले से काफी आसान स्थिति में है क्योंकि सरकार के विधाई एजेंडे पर अनाद्रमुक, टीआरएस, वाईएसआर कांग्रेस और बीजद जैसे राजग के बाहर वाले क्षेत्रीय दल बीजेपी का दामन थाम सकते हैं. 

राज्यसभा में अटक रहे हैं बिल
सांसदों की संख्या कम होने के कारण मोदी सरकार की ओर से लाए गए विधेयक को लोकसभा में तो आसानी से हरी झंडी दे दी जा रही, लेकिन राज्यसभा में यह बात अटकती हुई नजर आ रही है. इसलिए बीजेपी लगातार इस जद्दोजहद में हैं कि किसी भी तरह सांसदों की संख्या को पूरा किया जा सके.