समर्थन के लिए चाहिए 121 मत, बीजेपी के पास केवल है 83, कैसे पास होगा नागरिकता संशोधन बिल?

राज्‍यसभा में आज दोपहर दो बजे पेश ये बिल पेश किया जाएगा और बहस के लिए छह घंटे का वक्‍त नियत किया गया है

समर्थन के लिए चाहिए 121 मत, बीजेपी के पास केवल है 83, कैसे पास होगा नागरिकता संशोधन बिल?

नई दिल्‍ली: लोकसभा में तो बीजेपी के पास स्‍पष्‍ट बहुमत की वजह से नागरिकता संशोधन बिल (Citizenship Amendment Bill 2019) आसानी से पास हो गया लेकिन राज्‍यसभा में भी सरकार की राह क्‍या ऐसी ही आसान होगी? राज्‍यसभा में आज दोपहर दो बजे पेश ये बिल पेश किया जाएगा और बहस के लिए छह घंटे का वक्‍त नियत किया गया है लेकिन सत्‍तापक्ष के सदस्‍यों की संख्‍या को देखते हुए हर किसी के मन में यही सवाल है कि क्या केंद्र सरकार लोकसभा की तरह राज्यसभा में भी ये बिल पास करा पाएगी?

राज्‍यसभा में 240 सांसद
राज्यसभा में इस वक़्त 240 सांसदों की संख्या है, क्योंकि राज्यसभा में 5 सीटें खाली पड़ी हुई हैं. इस हिसाब से 121 सांसदों के समर्थन के बाद ही ये बिल राज्यसभा में पास हो सकता है. बीजेपी के पास इस वक़्त राज्यसभा में 83 सांसद हैं यानी कि बीजेपी को 38 अन्य सांसदों की आवश्यकता पड़ेगी. लेकिन बीजेपी के लिए चिंता की बात इसलिए नहीं नज़र आ रही है क्योंकि बीजेपी के सहयोगी दलों के साथ-साथ कुछ अन्य दल नागरिकता संशोधन बिल पर सरकार के साथ नज़र आ रहे हैं. AIADMK(11), JDU (6), SAD (3), निर्दलीय व अन्य समेत 13 सांसदों का समर्थन बीजेपी को राज्यसभा में मिल सकता है. इस तरह बिल के समर्थन में 116 सांसद नज़र आ रहे हैं.

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इन पार्टियों के अलावा सरकार के साथ बीजेडी (7), YSRCP (2), TDP (2) सांसदों के साथ नागरिकता संशोधन बिल का समर्थन कर सकती हैं. कुल मिलाकर 127 सांसदों के साथ यह बिल पास कराने में सरकार सफल हो सकती है.

शिवसेना ने लोकसभा में इस बिल का समर्थन किया था लेकिन राज्यसभा में शिवसेना के 3 सांसद क्या इस बिल का समर्थन करेंगे या नहीं, इस पर सस्पेंस बरक़रार है.

विपक्ष की रणनीति
वहीं अगर विपक्ष की रणनीति पर नज़र डालें तो वह इस मुद्दे पर एकजुटता दिखाने की कोशिश कर रही है. कांग्रेस के राज्यसभा में 46 सांसद हैं और वह इस बिल के ख़िलाफ़ ज़्यादा से ज़्यादा मतदान कराना चाहती है. मंगलवार को कांग्रेस नेताओं ने संसद भवन में अन्य विपक्षी दलों के साथ बातचीत भी की है. नागरिकता संशोधन बिल पर राज्यसभा में डीएमके (5), RJD (4), NCP (4), KC(M)-1, PMK(1), IUML(1), MDMK (1), व अन्य 1 सांसद ख़िलाफ़ वोट करेंगे. यानि इस तरह से यूपीए का आंकड़ा 64 सांसदों का पहुंचता है.

लेकिन यूपीए के साथ-साथ कई अन्य विपक्षी दल भी इस बिल के ख़िलाफ़ राज्यसभा में वोट करेंगे, जिसे लेकर समाजवादी पार्टी समेत कई दलों ने अपने सांसदों को व्हिप भी जारी किया है. TMC(13), Samajwadi Party (9), CPM(5), BSP (4), AAP (3), PDP (2), CPI (1), JDS (1), TRS (6) जैसे राजनीतिक दलों के सांसद इस बिल के ख़िलाफ़ हैं. यूपीए के अतिरिक्त कई विपक्षी दलों के 44 सांसद भी इस बिल के ख़िलाफ़ वोट कर सकते हैं.

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इस प्रकार यूपीए और गैर एनडीए दलों के सांसदों के आंकड़े देखें तो नागरिकता संशोधन बिल के ख़िलाफ़ कुल 108 सांसद मतदान कर सकते हैं.

इन आंकड़ों के साथ साथ आज आपको यह भी जानना ज़रूरी है कि मंगलवार को इस बिल को लेकर संसद में कैसे गहमागहमी मची रही. केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने Zee News से बातचीत में कहा कि यह बिल देशहित का बिल है और राज्यसभा में ज़रूर पास होगा. वहीं कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने इस बिल को देश की एकता के लिए ख़तरनाक बताते हुए कहा कि NRC और नागरिकता संशोधन बिल को एक साथ जोड़कर देखना चाहिए तब जाकर बीजेपी की असली राजनीति जनता तो समझ आएगी.

कुल मिलाकर अब देश की निगाहें राज्यसभा पर होगी, जुहां बुधवार को यह बिल पेश किया जाएगा. संसद मे हंगामे के आसार दिखाई दे रहे हैं.

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