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आर्टिकल 370: अब राम माधव ने दिया ऐसा बयान, बढ़ जाएगी चीन और पाकिस्तान की हार्टबीट

राम माधव ने कहा कि दूसरे देशों के अधीन हिस्से को वापस लेने का संकल्प भी पारित हो चुका है. उन्होंने कहा कि वर्ष 1994 में ही संसद सर्वसम्मति से संकल्प पारित कर चुकी है.

आर्टिकल 370: अब राम माधव ने दिया ऐसा बयान, बढ़ जाएगी चीन और पाकिस्तान की हार्टबीट
राम माधव ने कहा कि पहले भी अनुच्छेद 370 में 40 से ज्यादा संशोधन हुए थे. तब किसी ने इस विषय पर आवाज नहीं उठाई थी.

नई दिल्ली: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त करने को मंजूरी दे दी. राष्ट्रपति से मंजूरी मिलने के बाद अब यह विधेयक कानूनी रूप से लागू किया जा सकेगा. इन सबके बीच बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री राम माधव का बड़ा बयान सामने आया है. राम माधव ने बुधवार को कहा कि पीओके (PoK) और अक्साई चीन भी अखंड भारत का ही हिस्सा हैं. उन्होंने कहा कि पूरा कश्मीर ही भारत का हिस्सा है. संवैधानिक दृष्टि से कश्मीर का विलय पहले ही भारत में हो चुका है. 

राम माधव ने कहा कि दूसरे देशों के अधीन हिस्से को वापस लेने का संकल्प भी पारित हो चुका है. उन्होंने कहा कि वर्ष 1994 में ही संसद सर्वसम्मति से संकल्प पारित कर चुकी है. उन्होंने कहा कि यह किसी एक पार्टी का नहीं, बल्कि पूरे देश का विषय है. राम माधव ने कहा कि पहले भी अनुच्छेद 370 में 40 से ज्यादा संशोधन हुए थे. तब किसी ने इस विषय पर आवाज नहीं उठाई थी. 

 

राम माधव ने कहा कि बीजेपी ने अनुच्छेद 370 में पहली बार संशोधन किया है. उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया विधि सम्मत और संवैधानिक तरीके से हुई है. वहीं, कश्मीर में नेताओं को नजरबंद करने के सवाल पर राम माधव ने कहा कि पॉलिटिकल डिटेंशन एक सामान्य बात है. हमारी पार्टी के नेताओं को भी कई राज्यों में इसका सामना करना पड़ा है. कई बार ऐसे फैसले परिस्थितियों को देखते हुए लिए जाते हैं. हालात सामान्य होने पर नेताओं पर से भी पाबंदियां हटा दी जाएंगी.

राम माधव ने कहा कि देश मे कोई भी बड़ा काम करने के लिए सहमति बनाई जाती है. देश में अनुच्छेद 370 को हटाने के लिए व्यापक स्वीकार्यता है. जम्मू-कश्मीर और घाटी में भी लोग खुश हैं. लोग मान रहे हैं कि उन्हें इसे परखना चाहिए. उन्होंने कहा कि कश्मीर की रोजमर्रा की राजनीति से में लगातार जुड़ा रहा हूं. उन्होंने कहा कि कश्मीर में सुरक्षा बलों की तैनाती, ब्लैक आउट नई नात नहीं है. पहले भी ऐसा हुआ है. आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के समय ऐसा हुआ था. फिर भी लोग बाहर निकले और पत्थरबाजी की. लेकिन, इस बार लोगों ने विरोध नहीं किया.

(Info: Shashi Mohan Sharma)