फर्जी है रतन टाटा के नाम से वायरल हो रही ये खबर, खुद टाटा ने ट्विटर पर बताई सच्चाई

'2020 बस जीवित रहने का वर्ष है', सोशल मीडिया पर ये संदेश रतन टाटा के नाम से वायरल हो रहा है, जिसे रतन टाटा ने फर्जी कहा है. उनका कहना है कि ऐसी कोई बात उन्होंने नहीं कही है.

फर्जी है रतन टाटा के नाम से वायरल हो रही ये खबर, खुद टाटा ने ट्विटर पर बताई सच्चाई
रतन टाटा के नाम से ये संदेश सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है

नई दिल्ली: कोरोना वायरस (coronavirus) महामारी के दौर में सोशल मीडिया पर फेक न्यूज़ का संक्रमण भी काफी तेजी से होता है. इन्हीं फेक न्यूज़ से टाटा ट्रस्‍ट के चेयरमैन रतन टाटा एक बार फिर परेशान हो गए. ताजा मामला एक वायरल संदेश का है, जिसपर रतन टाटा ने सफाई दी है. रतन टाटा ने कहा है कि उनके नाम से वायरल हो रही खबर गलत है और उन्होंने ऐसा कुछ नहीं कहा है.

दरअसल एक संदेश सोशल मीडिया पर वायरल हो गया जिसमें कहा गया था कि- 'व्यापार की दुनिया के मेरे प्रिय दोस्त, 2020 बस जीवित रहने का वर्ष है. इस साल आप लाभ और हानि के बारे में चिंता न करें. सपने और योजनाओं के बारे में भी बात न करें. इस वर्ष अपने आप को जीवित रखना सबसे महत्वपूर्ण है. जीवित रहना एक लाभ बनाने जैसा ही है.'

ये मैसेज अखबार में छपी खबर के रूप में वायरल हो रहा है, जिससे रतन टाटा काफी आहत हैं. उन्होंने ट्विटर पर कहा कि 'मझे डर है क्योंकि ये भी मैंने नहीं कहा है. मेरी कोशिश रहेगी कि जब तक हो सकेगा मैं फर्जी खबरों को सामने लाउंगा. लेकिन आपसे भी चाहता हूं कि आप हमेशा समाचार के स्रोत को सत्यापित करें. एक संदेश के साथ मेरी तस्वीर इस बार की गारंटी नहीं है कि ऐसा मैंने कहा है. ये एक समस्या है जिसका सामना कई लोग करते हैं.' 

उन्‍होंने लोगों से अपील भी की कि लोग व्हाट्सएप और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होने वाले संदेशों को सत्यापित करें. उन्होंने ये भी कहा कि अगर उन्हें ऐसा कुछ भी कहना है तो वो उसे अपने आधिकारिक माध्यम से कहेंगे.

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