कन्हैया सहित 5 छात्रों को JNU से निकालने की सिफारिश, निष्कासन पर अंतिम फैसला वीसी और चीफ प्रॉक्टर करेंगे

जेएनयू विवाद मामले में हाई लेवल जांच कमेटी ने देशविरोधी नारे लगाने के आरोपी जेएनयूएसयू के अध्यक्ष कन्हैया कुमार सहित पांच छात्रों के निष्कासन की सिफारिश की है। हाई लेवल जांच कमेटी ने कन्हैया कुमार, उमर खालिद, अनिर्बान सहित पांच छात्रों को जेएनयू से निकालने की सिफारिश की है। इन छात्रों के निष्कासन पर अंतिम फैसला वाइस चांसलर और चीफ प्रॉक्टर करेंगे।

कन्हैया सहित 5 छात्रों को JNU से निकालने की सिफारिश, निष्कासन पर अंतिम फैसला वीसी और चीफ प्रॉक्टर करेंगे

नई दिल्ली : जेएनयू विवाद मामले में हाई आंतरिक जांच कमेटी ने देशविरोधी नारे लगाने के आरोपी जेएनयूएसयू के अध्यक्ष कन्हैया कुमार सहित पांच छात्रों के निष्कासन की सिफारिश की है। कमेटी ने कन्हैया कुमार, उमर खालिद, अनिर्बान भट्टाचार्य सहित पांच छात्रों को जेएनयू से निकालने की सिफारिश की है। इन छात्रों के निष्कासन पर अंतिम फैसला वाइस चांसलर और चीफ प्रॉक्टर करेंगे। समिति ने देशविरोधी नारे मामले में यह सिफारिश की है।

कुलपति की अध्यक्षता में विश्वविद्यालय के शीर्ष अधिकारियों की बैठक में सोमवार को इस रिपोर्ट पर चर्चा हुई जिसके बाद विश्वविद्यालय ने कन्हैया और उमर सहित 21 छात्रों को कारण बताओ नोटिस भेजे। ये छात्र विश्वविद्यालय नियम एवं अनुशासन के उल्लंघन के दोषी पाए गए थे।

संसद हमले के दोषी अफजल गुरू की फांसी के विरोध में आयोजित एक कार्यक्रम की जांच के लिए 10 फरवरी को समिति का गठन किया गया था। कार्यक्रम को लेकर कन्हैया, उमर और अनिर्बान को देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। कन्हैया को तीन मार्च को तिहाड़ से जमानत पर रिहा किया गया जबकि उमर एवं अनिर्बान अब भी न्यायिक हिरासत में हैं।

सूत्रों ने पीटीआई भाषा से कहा, ‘‘उच्चस्तरीय समिति ने एक महीने से अधिक समय की जांच के बाद पांच छात्रों को निकालने की सिफारिश की है। हालांकि इस संबंध में अंतिम फैसला कुलपति और प्राक्टर कार्यालय द्वारा किया जाएगा।’’ विश्वविद्यालय ने पांच सदस्यीय समिति द्वारा जांच पूरी होने पर 11 मार्च को कन्हैया सहित आठ छात्रों का शैक्षणिक निलंबन हटा दिया था।

सूत्रों ने कहा कि कारण बताओ नोटिस जिन छात्रों को जारी किया गया है उनमें वे आठ छात्र भी शामिल हैं जिन्हें पहले इस मामले को लेकर निलंबित किया गया था और 10 छात्र वे हैं जिनके बारे में पुलिस ने विश्वविद्यालय से जानकारी मांगी थी। कन्हैया के अलावा आठ निलंबित छात्रों में उमर खालिद, अनिर्बान भट्टाचार्य, आशुतोष, रामा नगा, अनंत कुमार, श्वेता राज और ऐश्वर्या अधिकारी शामिल हैं।

अधिकारी ने कहा, ‘‘इस तरह के मामलों में कार्रवाई के लिए विश्वविद्यालय नियमों में मानक प्रावधान हैं। उच्चस्तरीय जांच समिति की सिफारिशें जेएनयू अनुशासन एवं उचित आचरण के नियमों पर आधारित हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘छात्रों के जवाब के आधार पर इस संबंध में अंतिम फैसला किया जाएगा।’’

21 छात्रों को कारण बताओ नोटिस

9 फरवरी को जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में हुए विवादित कार्यक्रम में लगे देशविरोधी नारों के आरोपी 21 छात्रों को फिर से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इन छात्रों में उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य के नाम भी शामिल हैं। 

जेएनयू नियमों का किया था उल्लंघन

जेएनयू के कुलपति एम जगदीश कुमार द्वारा गठित की गई आंतरिक जांच समिति ने कुछ छात्रों को प्रशासन के नियमों का उल्लंघन करने का दोषी पाया है। जेएनयू प्रशासन के मुताबिक ऐसे मामलों में आमतौर पर कड़ी कार्रवाई करने का प्रावधान है। फिलहाल दोषी छात्रों के जवाब का इंतजार किया जा रहा है। इसके बाद चीफ प्रॉक्टर आगे की कार्रवाई कर सकते हैं। 

उमर-अनिर्बान के रूम की तलाशी के लिए नोटिस

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मामले में जेएनयू को एक नोटिस भेजा था, जिसमें उमर और अनिर्बान के कमरों की तलाशी की जरूरत बताई गई थी। फिलहाल दिल्ली पुलिस ने दोनों के लैपटॉप जब्त कर लिए हैं।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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