पाक से बढ़ रही नेपाल की दोस्ती, अब्बासी ने की PM के.पी शर्मा से मुलाकात

शाहिद खाकान अब्बासी की नेपाल यात्रा से यह तो स्पष्ट है कि वह भारत को कमजोर करने की भरपूर कोशिश कर रहे हैं.

पाक से बढ़ रही नेपाल की दोस्ती, अब्बासी ने की PM के.पी शर्मा से मुलाकात
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी के स्वागत के लिए नेपाल के पीएम के खास तैयारियां की थी. (फोटो साभार : PTI)

नई दिल्ली : अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद को पनाह देने के लिए आलोचनाओं का शिकार हो रहा पाकिस्तान अब दोस्ती के लिए छोटे देशों की तरफ हाथ बढ़ा रहा है. इसके लिए सबसे पहले पाकिस्तान ने नेपाल को चुना है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी सोमवार को नेपाल पहुंचकर प्रधानमंत्री के.पी शर्मा से मुलाकात की. शाहिद खाकान अब्बासी की नेपाल यात्रा से यह तो स्पष्ट है कि वह भारत को कमजोर करने की भरपूर कोशिश कर रहे है. रिपोर्टस की मानें तो के.पी शर्मा से मुलाकात के दौरान अब्बासी ने उन्हें पाकिस्तान घूमने का निमंत्रण भी दिया है. 

सार्क पर टिकी पाकिस्तान की निगाहें
अब्बासी दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) को फिर से आगे ले जाना चाहते हैं. गौरतलब है कि सार्क का 19वां सम्मेलन 2016 में इस्लामाबाद में होने वाला था, लेकिन भारत ने इस सम्मेलन में भाग लेने से इनकार कर दिया था. इसके बाद तीन अन्य देशों ने भी भारत का साथ दिया था, जिससे सम्मेलन को रद्द कर दिया गया था. 

सार्क को आगे ले जाने पर हुई चर्चा
रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी क्षेत्रीय राष्ट्रों के साथ अपने देश के संबंध प्रगाढ़ करने के लिए के.पी शर्मा से मुलाकात की. इस दौरान दक्षेस को दोबारा जीवंत करने की प्रक्रिया पर भी चर्चा की गई. बैठक के दौरान अब्बासी ने कहा कि वह दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) को आगे ले जाने के लिए आशान्वित हैं.

सार्क का 19वां सम्मेलन रद्द कर दिया गया था
सूत्रों के अनुसार दोनों नेताओं ने सार्क को फिर से जीवंत बनाने की प्रक्रिया पर चर्चा की. दक्षेस का 19 वां सम्मेलन 2016 में इस्लामाबाद में आयोजित होने वाला था लेकिन भारत ने उड़ी हमले में पाकिस्तान की भूमिका का हवाला देते हुए इसमें शामिल होने से इनकार कर दिया था. तीन अन्य देश भी भारत का साथ देते हुए सम्मेलन से अलग हो गए थे, जिसके बाद यह सम्मेलन रद्द कर दिया गया था.

दोस्ती की ओर बढ़ रहे हैं पाकिस्तान और नेपाल
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि इस यात्रा से व्यापार, शिक्षा, पर्यटन, रक्षा और लोगों का लोगों से संपर्क सहित सभी क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को विस्तार देने और प्रगाढ़ करने का अवसर मिलेगा. सार्क को महत्वपूर्ण क्षेत्रीय संगठन के रूप में जीवंत करने पर भी चर्चा होगी.