सांसद ने भेंट किया सोने का मुकुट, राजनाथ लौटाते हुए बोले - सबसे गरीब बेटी की शादी में दे देना

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार को मुरादाबाद मंडल की पांच लोकसभा सीटों को लेकर आयोजित 'शक्ति सम्मेलन' में शिरकत करने पहुंचे थे.

सांसद ने भेंट किया सोने का मुकुट, राजनाथ लौटाते हुए बोले - सबसे गरीब बेटी की शादी में दे देना
मुरादाबाद सांसद सर्वेश सिंह ने राजनाथ को सोने का मुकुट भेंट किया था..

मुरादाबाद: केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार को मुरादाबाद मंडल की पांच लोकसभा सीटों को लेकर आयोजित 'शक्ति सम्मेलन' में शिरकत करने पहुंचे थे. गृहमंत्री के स्वागत में मुरादाबाद सांसद सर्वेश सिंह ने उन्हें सोने का मुकुट पहनाकर स्वागत किया. हालांकि सिंह ने स्वागत में आए सोने के मुकुट को यह कहकर लौटा दिया इसे क्षेत्र की सबसे गरीब बेटी की शादी में दे देना. उन्हें अपने बयान में यह भी जोड़ा कि गरीब बेटी सोने की पायल में विदा होनी चाहिए. 

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नारे 'चौकीदार चोर है' पर करारा हमला किया. सिंह ने कहा चौकीदार चोर नहीं है, बल्कि हमारा चौकीदार प्योर (असली) है. अगली बार उसको पीएम बनाना श्योर (जरूर) है. और यही भारत की समस्याओं का क्योर (निदान) है. 

सिंह ने योगी सरकार की तारीफ
केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने योगी सरकार को सौ नंबर दिए. सीएम योगी आदित्यनाथ की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा, "योगी जी ने अपराधियों के हौसले पस्त कर दिए हैं. अपराध पर अंकुश लगा है और अपराधी प्रदेश से पलायन कर गए हैं." राजनाथ ने कहा कि योगी आदित्यनाथ पर भ्रष्टाचार का एक भी दाग नहीं है. यही भाजपा की संस्कृति है. 

पंडित दीनदयाल उपाध्याय को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सिंह ने कहा, "एकात्म मानववाद विचारधारा ही हमारी पार्टी की विचारधारा है. हमें यह देखना चाहिए कि मनुष्य का परिवार के साथ कैसा रिश्ता होना चाहिए. समाज के प्रति उसकी क्या जिम्मेदारी होनी चाहिए. फिर उस मनुष्य का संसार के प्रति कैसा रिश्ता होना चाहिए. फिर इससे आगे हमारी इस ब्रम्हांड के प्रति क्या सोच होनी चाहिए. इसी विचारधारा के सहारे हम सरकार चला रहे हैं."

एकात्म मानववाद पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा, "अगर हम मनुष्य को सुख देना चाहते हैं तो क्या करना चाहिए. मनुष्य को तन, मन, बुद्धि और आत्मा है. इंद्रियों का सुख, धन से मिल जाएगा लेकिन मन के सुख के लिए मान-सम्मान चाहिए." इस विचारधारा को पार्टी से जोड़ते हुए सिंह ने कहा कि मैं आज जो कुछ भी हूं, गली-मुहल्ले के कार्यकर्ताओं की वजह से हूं. हमें कार्यकर्ताओं की उपेक्षा नहीं करना चाहिए.