छात्राओं के सामने झुकी हरियाणा सरकार, 12वीं तक अपग्रेड हुआ रेवाड़ी का स्कूल

हरियाणा के एक गांव में 86 लड़कियों के एक समूह का गांधीवादी प्रदर्शन नौकरशाही और लालफीताशाही पर भारी पड़ा तथा राज्य सरकार उनके स्कूल का दर्जा बढ़ाने के लिए तैयार हो गयी.

छात्राओं के सामने झुकी हरियाणा सरकार, 12वीं तक अपग्रेड हुआ रेवाड़ी का स्कूल
छात्राओं ने राजकीय हाई स्कूल का उन्नयन 10वीं से 12वीं कक्षा तक करने के लिए भूख हड़ताल की थी. (एएनआई फोटो)

रेवाड़ी: अपने विद्यालय को 12वीं तक किये जाने की मांग को लेकर हड़ताल पर बैठीं हरियाणा के रेवाड़ी जिले की 90 छात्राओं ने बुधवार (17 मई) को सरकार द्वारा उनकी मांग मानने के बाद अपनी हड़ताल खत्म कर दी. हड़ताली छात्राओं में से कई भूख हड़ताल पर थीं. शिक्षा मंत्री राम बिलास शर्मा ने कहा कि गोथरा टप्पा दाहिना गांव में सरकारी हाई स्कूल को 12वीं तक किये जाने को लेकर अधिसूचना जारी कर दी गयी है. उन्होंने बुधवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि वहां प्रधानाध्यापक की तैनाती कर दी गयी है और दाखिला प्रक्रिया गुरुवार (18 मई) से शुरू हो जायेगी.

कक्षा नौंवीं और दसवीं की 86 लड़कियों का समूह अपने गांव के स्कूल को 12वीं तक किये जाने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर थीं. छात्राओं का कहना था कि घर से तीन किलोमीटर दूर स्थित सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ाई के लिये जाते वक्त उन्हें उत्पीड़न और छेड़छाड़ का सामना करना पड़ता था. हड़ताली छात्राओं में से 13 छात्रायें भूख हड़ताल पर थी.

सोमवार (15 मई) को शिक्षामंत्री शर्मा के स्कूल को 12 तक किये जाने के आश्वासन के बावजूद छात्राओं ने अपनी हड़ताल जारी रखी और कहा कि जब तक उन्हें आधिकारिक रूप से इस बारे में जानकारी नहीं दे दी जाती वह हड़ताल खत्म नहीं करेंगी. सरकार द्वारा औपचारिक अधिसूचना जारी कर दिये जाने की खबर मिलते ही हड़ताल पर बैठी छात्राओं ने जश्न मनाना शुरू कर दिया और अपनी हड़ताल खत्म कर दी.

रेवाड़ी जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भूख हड़ताल पर बैठी लड़कियों को जूस पिलाकर उनकी हड़ताल खत्म कराई. भूख हड़ताल पर बैठी छात्रा ने कहा, ‘‘हम खुश हैं कि हमारी कोशिशें फलीभूत हुईं.’’ अधिकारियों ने पहले कहा था कि स्कूल को 12वीं तक नहीं किया जा सकता क्योंकि सीनियर सेकेंडरी स्तर पर 150 छात्रों की अनिवार्य स्थिति यहां पूरी नहीं होती. शिक्षा मंत्री ने बुधवार को कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और विद्यालय शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पी के दास से चर्चा के बाद इस नियम में ढील दी गई.