हर नागरिक की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी, किया जा रहा है समझौता: रॉबर्ट वाड्रा

प्रियंका के दफ्तर के कर्मियों ने जब वहां तैनात केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) से पूछा कि ये लोग अंदर कैसे आ गए, तो जवाब मिला कि आवास की सुरक्षा की जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस की है. इस पर आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया.

हर नागरिक की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी, किया जा रहा है समझौता: रॉबर्ट वाड्रा
फाइल फोटो- रॉयटर्स

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) की सुरक्षा में चूक को लेकर रॉबर्ट वाड्रा ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. रॉबर्ट वाड्रा (Rober Vadra) ने कहा है कि पूरे देश में महिलाओं की सुरक्षा के साथ समझौता किया जा रहा है. वाड्रा ने अपने ट्विटर अकाउंट से लिखा, 'यह हमारे नागरिकों को विशेष रूप से हमारे देश की महिलाओं को सुरक्षित रखने और सुरक्षित महसूस कराने के बारे में है. पूरे देश में सुरक्षा के साथ समझौता हो रहा है, लड़कियों पर अत्याचार हो रहा है, उनका रेप हो रहा है,  हम किस प्रकार का समाज बना रहे हैं? प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की है. अगर हम अपने देश में सुरक्षित नहीं है, अपने घर पर, सड़क पर,  दिन में, रात में तो हम कहां और कब सुरक्षित होंगे? '

बता दें कि कुछ दिन पहले ही गांधी परिवार से विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) का घेरा हटाया गया है और 26 नवंबर को ही कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के लोधी एस्टेट स्थित आवास पर 5 लोग एक तस्वीर खींचने के बहाने उनकी देहरी तक पहुंच गए थे. इसे रॉबर्ट वाड्रा ने सुरक्षा में चूक करार दिया था.

एसपीजी सुरक्षा हटते ही प्रियंका के आवास पर सुरक्षा में सेंधमारी 
गांधी परिवार से विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) का घेरा हटते ही कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के लोधी एस्टेट स्थित आवास पर 5 लोग एक तस्वीर खींचने के बहाने उनकी देहरी तक पहुंच गए. यह वाकया महज 6 दिन पहले का है. प्रियंका के पति रॉबर्ट वाड्रा ने वाकये की पुष्टि समाचार एजेंसी आईएएनएस के साथ बातचीत में की. यह पूछे जाने पर कि क्या वे पार्टी के लोग थे या कोई और, उन्होंने कहा, "वे पार्टी के लोग नहीं थे, यह गंभीर मामला है, सुरक्षा नियमों के पालन में पूरी तरह कोताही की गई."

26 नवंबर को दोपहर बाद लगभग 2 बजे एक काली स्कॉर्पियो आकर प्रियंका गांधी के आवास पर आकर रुकी. उस समय उनके दफ्तर में बैठक चल रही थी. उनका एक सहयोगी बाहर आकर स्कॉर्पियो से उतरे लोगों से पूछा कि वे क्या चाहते हैं. कार से उतरे लोगों में दो पुरुष, तीन महिलाएं और एक बच्चा था. उन्होंने कहा कि वे प्रियंका गांधी के साथ एक तस्वीर खिंचवाना चाहते हैं.

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प्रियंका के दफ्तर के कर्मियों ने जब वहां तैनात केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) से पूछा कि ये लोग अंदर कैसे आ गए, तो जवाब मिला कि आवास की सुरक्षा की जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस की है. इस पर आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया.

सरकार ने अंतरिम कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, उनके बेटे व पूर्व पार्टी प्रमुख राहुल गांधी और बेटी प्रियंका गांधी वाड्रा की सुरक्षा में लगा एसपीजी घेरा हटा लिया है और इसके बदले उन्हें सीआरपीएफ की जेड प्लस सुरक्षा मुहैया कराई गई है. इन्हें एसपीजी सुरक्षा पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की एक चुनावी रैली के दौरान आत्मघाती हमले में हत्या हो जाने के बाद से मिली हुई थी.

एसपीजी सुरक्षा हटाए जाने पर सफाई देते हुए सरकार ने संसद में कहा कि यह बदले की राजनीति नहीं है, बल्कि सुरक्षा के प्रति वांछित तत्परता नहीं दिखाए जाने के बाद इसे हटाया गया. एसपीजी सुरक्षा अब सिर्फ प्रधानमंत्री के लिए रहेगी और इसके लिए संसद में एसपीजी अधिनियम में संशोधन भी पारित कराया गया है.