AgustaWestland घोटाला: मिशेल की वकील को सता रहा है गिरफ्तारी का डर, बोलीं- मैं जानती हूं उसके कई राज

मिशेल की वकील रोजमैरी पैटरिजी ने कहा कि मुझे भरोसा है कि मुझे गिरफ्तार नहीं किया जाएगा और मैं वापस जा सकती हूं.

AgustaWestland घोटाला: मिशेल की वकील को सता रहा है गिरफ्तारी का डर, बोलीं- मैं जानती हूं उसके कई राज
फोटो सौजन्य: ANI

नई दिल्ली: अगस्‍तावेस्‍टलैंड हेलीकॉप्‍टर की खरीद के घोटाले में बिचौलिए की भूमिका निभाने वाले ब्रिटिश नागरिक क्रिश्चियन जेम्‍स मिशेल की सीबीआई हिरासत शनिवार को चार दिनों के लिए बढ़ा दी गई है. वहीं, इस केस की सुनवाई के बाद मिशेल की इटैलियन वकील रोजमैरी पैटरिजी घबराई हुई नजर आईं. न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मुझे डर है कि सीबीआई मुझे भी गिरफ्तार कर सकती है, क्योंकि मैं मिशेल के बारे में सबकुछ जानती हूं. मैं यहां मदद करने आई हूं और मुझे लगता है कि मेरे साथ कुछ बुरा नहीं होगा. 

परिवार के साथ मनाना चाहती हूं क्रिसमस- पैटरिजी
मिशेल की वकील रोजमैरी पैटरिजी ने कहा कि मुझे भरोसा है कि मुझे गिरफ्तार नहीं किया जाएगा और मैं वापस जा सकती हूं. उन्होंने कहा कि मैं वापस जाकर क्रिसमस अपने परिवार के साथ मनाना चाहती हूं. वहीं, सुनवाई के दौरान सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि मिशेल को काउंसलर एक्सेस का उपलब्ध करवाने के मामले पर विदेश मंत्रालय विचार कर रहा है. पटियाला हाउस कोर्ट अब मिशेल की जमानत याचिका पर 19 दिसंबर को सुनवाई करेगा. 

रोजमैरी को पावर ऑफ अटॉर्नी देने की मांग
पटियाला हाउस कोर्ट में सीबीआई ने शनिवार को मिशेल की हिरासत पांच दिन के लिए बढ़ाने की अपील की थी. इसके साथ ही मिशेल की इटैलियन वकील रोजमैरी पैटरिजी ने कोर्ट को बताया कि उनके पास इस मामले से जुड़े कुछ और दस्तावेज हैं जिन्हें जो वह कोर्ट में जमा कराना चाहती हैं. इससे पहले मिशेल के वकील एके जोसेफ ने रोजमैरी को पावर ऑफ अटॉर्नी देने की मांग की ताकि वह उनके खिलाफ जारी रेड कॉर्नर नोटिस को वापस लेने के लिए इंटरपोल में उनका प्रतिनिधित्व कर सकें. उन्होंने कोर्ट को बताया कि रेड कॉर्नर नोटिस को वापस लेना इसलिए जरूरी है, क्योंकि मिशेल का प्रर्त्यपण पहले ही हो चुका है. 

बता दें कि यूपीए शासनकाल के दौरान 3600 करोड़ रुपए के 12 अगस्‍तावेस्‍टलैंड हेलीकॉप्‍टर की खरीद के घोटाले में बिचौलिए की भूमिका निभाने वाले ब्रिटिश नागरिक क्रिश्चियन जेम्‍स मिशेल को 4 दिसंबर को दुबई से भारत लाया गया था. 

कौन है क्रिश्चियन मिशेल
सीबीआई के मुताबिक मिशेल अगस्तावेस्टलैंड हेलीकॉप्टर्स का ‘‘ऐतिहासिक परामर्शदाता’’ बताया जाता है जिसे हेलीकॉप्टर, सैन्य अड्डों और पायलटों की तकनीकी संचालनात्मक जानकारी थी. मिशेल 1980 के दशक से ही कंपनी के साथ काम कर रहा था और इससे पहले उसके पिता भी भारतीय क्षेत्र के लिए कंपनी के परामर्शदाता रह चुके थे. वह कथित तौर पर बार-बार भारत आता रहता था और भारतीय वायुसेना तथा रक्षा मंत्रालय में सेवानिवृत्त तथा मौजूदा अधिकारियों समेत विभिन्न स्तरों पर सूत्रों के एक बड़े नेटवर्क के जरिए रक्षा खरीद के लिए बिचौलिए के तौर पर काम कर रहा था.

सीबीआई के मुताबिक हेलीकॉप्टर घोटाले में अगस्तावेस्टलैंड को ठेका दिलाने और भारतीय अधिकारियों को गैरकानूनी कमीशन या रिश्वत का भुगतान करने के लिए बिचौलिए के तौर पर मिशेल की संलिप्तता 2012 में सामने आई. नई दिल्‍ली के पटियाला हाउस में सीबीआई मामलों के विशेष न्यायाधीश ने 24 सितंबर 2015 की तिथि वाला खुला गैर जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया. उसके बाद वह फरार हो गया और जांच में शामिल होने से बच रहा था. उसके खिलाफ पिछले साल सितंबर में आरोपपत्र दायर किया गया. सीबीआई के मुताबिक इस वारंट के आधार पर इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया जिससे फरवरी 2017 में उसे दुबई में गिरफ्तार कर लिया गया.

मिशेल (57) दुबई में अपनी गिरफ्तारी के बाद से जेल में था और उसे यूएई में कानूनी और न्यायिक कार्यवाही के लंबित रहने तक हिरासत में भेज दिया गया था. दुबई कोर्ट ऑफ कैसेशन ने मिशेल के वकील की ओर से दायर दो आपत्तियों को खारिज कर दिया और भारत के सक्षम प्राधिकारियों को उसे प्रत्यर्पित करने की संभावना पर विचार करने के अपीलीय अदालत के फैसले को बरकरार रखा. उसके बाद दुबई सरकार ने उसे प्रत्यर्पित करने की मंजूरी दे दी. प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पूरी करने के बाद मिशेल को भारत वापस लाया गया.