नेशनल हेराल्ड मामला: सुब्रमण्यम स्वामी ने फोड़ा 'आयकर बम', बढ़ेगी राहुल-सोनिया की टेंशन

बहुचर्चित नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और उनकी मां सोनिया गांधी की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं.

नेशनल हेराल्ड मामला: सुब्रमण्यम स्वामी ने फोड़ा 'आयकर बम', बढ़ेगी राहुल-सोनिया की टेंशन
नेशनल हेराल्ड मामले में बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी की ओर से कोर्ट में पेश किए दस्तावेजों से सोनिया गांधी और राहुल गांधी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. तस्वीर साभार: PTI

नई दिल्ली: बहुचर्चित नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और उनकी मां सोनिया गांधी की मुश्किलें बढ़ती दिख रही है. बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने शनिवार को ट्रायल कोर्ट में आयकर विभाग के कुछ दस्तावेज सौंपे और दावा किया कि घोटाला साबित करने के लिए ये पर्याप्त सबूत हैं. सुब्रमण्यम स्वामी ने शनिवार को दिल्ली की एक अदालत को बताया कि हाल में आयकर विभाग ने यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड पर नेशनल हेराल्ड मामले में 414 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया. यह मामला स्वामी ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य पर दायर किया था. स्वामी ने मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट अंबिका सिंह के समक्ष कहा कि आयकर विभाग ने मामले में उनकी शिकायत का संज्ञान लेने के बाद गांधी परिवार, यंग इंडियन कंपनी और चार अन्य आरोपियों के खिलाफ जांच शुरू की थी.

कोर्ट ने स्वामी के दस्तावेजों को सील लिफाफे में रखवाया
अदालत ने निर्देश दिया कि स्वामी की तरफ से पेश आयकर विभाग के दस्तावेजों को अगले आदेशों तक सील कवर में रखा जाए.  स्वामी ने निजी आपराधिक शिकायत में गांधी परिवार और अन्य पर आरोप लगाया है कि महज 50 लाख रुपये का भुगतान कर उन्होंने ठगी और धन की घपलेबाजी का षड्यंत्र किया. इसके माध्यम से यंग इंडिया ने 90 करोड़ 25 लाख रुपये वसूलने के अधिकार हासिल किए जो एसोसिएट जर्नल्स लिमिटेड को कांग्रेस को देना था.

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स्वामी ने अदालत में कहा, ‘आयकर विभाग ने मेरी शिकायत में इन तथ्यों का संज्ञान लिया और सात आरोपियों किे खिलाफ जांच शुरू की. सूचना नहीं देने के लिए यंग इंडिया पर 414 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया.’

क्या है नेशल हेराल्ड केस
नेशनल हेराल्ड अखबार की मालिकाना कंपनी एसोसिएट्स जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) है. साल 2011 में कांग्रेस ने कंपनी को 90 करोड़ का कथित लोन देकर इसकी देनदारियों को अपने पास कर लिया था. फिर 5 लाख रुपये से यंग इंडियन कंपनी बनाई थी, जिसमें सोनिया गांधी और राहुल की 38-38 फीसदी हिस्सेदारी तय हुई थी. 24 फीसदी हिस्सेदारी कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नांडीज की है. स्वामी का आरोप है कि कांग्रेस ने यंग इंडिया को एजेएल को खरीदने के लिए असुरक्षित कर्ज दिया था. मामले में सोनिया और राहुल के अलावा कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा, आस्कर फर्नांडिस, सुमन दुबे, सैम पित्रोदा और यंग इंडियन आरोपी हैं.

बीजेपी नेता सुब्रमण्यन स्वामी का आरोप है कि गांधी परिवार हेराल्ड की प्रॉपर्टीज का गलत तरीके से इस्तेमाल कर रहा है. वे इस आरोप को लेकर 2012 में कोर्ट गए. लंबी सुनवाई के बाद 26 जून 2014 को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी के अलावा मोतीलाल वोरा, सुमन दूबे और सैम पित्रोदा को समन जारी कर पेश होने के आदेश जारी किए थे, तब से यह मामला कोर्ट में चल रहा है.

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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी.

5000 करोड़ की संपत्ति पर कब्जा का आरोप
गौरतलब है कि यंग इंडियन लिमिटेड कंपनी में सोनिया और राहुल की हिस्सेदारी है. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट अब यंग इंडिया के खातों में कथित हेराफेरी की जांच करेगा. विभाग सोनिया और राहुल से पूछताछ भी कर सकता है. बीजेपी नेता सुब्रमण्यन स्वामी ने आरोप लगाया था कि सोनिया व अन्य ने मिलकर षड्यंत्र रचा, जिसके बाद असोसिएटिड जरनल लिमिटेड को 50 लाख रुपए देकर यंग इंडियन लिमिटेड ने 90.25 करोड़ रुपए वसूलने का अधिकार ले लिया. स्वामी ने कहा था कि सोनिया और राहुल गांधी ने नेशनल हेराल्ड की 5000 करोड़ की संपत्ति पर कब्जा कर लिया है.

मालूम हो कि 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले त्रिपुरा, मेघालय और नागालैंड के अलावा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश और राजस्थान के विधानसभा चुनाव नजदीक हैं. ऐसे में हेराल्ड केस एक बार फिर से खुलने के चलते बीजेपी इस मुद्दे को जोर शोर से उठा सकती है, वहीं कांग्रेस इस पर बैकफुट पर नजर आ सकती है.