PM Modi-Vladimir Putin: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 5 दिसंबर को भारत आएंगे. उससे पहले दोनों देश द्विपक्षीय रिश्तों को मजबूत करने में जुट गए हैं. भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर रूस में हैं. वहां उन्होंने रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मुलाकात की.
Trending Photos
)
Russia-India Relations: दुनिया की राजनीति इन दिनों उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है. एक तरफ रूस-यूक्रेन का युद्ध जारी है तो दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ टेरर की काट सिर्फ भारत ही नहीं दुनिया के बाकी देश भी तलाश रहे हैं. भारत पर ट्रंप के टैरिफ की सबसे ज्यादा मार पड़ रही है. क्योंकि भारत रूस से कच्चा तेल ले रहा है. लेकिन ट्रंप के गुस्से के बावजूद दोनों देशों के बीच रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं.
रूस में जयशंकर, दिल्ली में निकोलाई
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 5 दिसंबर को भारत आएंगे. उससे पहले दोनों देश द्विपक्षीय रिश्तों को मजबूत करने में जुट गए हैं. भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर रूस में हैं. वहां उन्होंने रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मुलाकात की. इस दौरान दोनों पक्ष द्विपक्षीय सहयोग और आगे होने वाले सभी राजनीतिक कार्यक्रमों की समीक्षा की तैयारी भी करेंगे. तो दूसरी ओर मैरिटाइम बोर्ड ऑफ रशिया के चेयरमैन और रूसी फेडरेशन के प्रेसिडेंट निकोलाई पेत्रुशेव भारत मे हैं. उन्होंने सोमवार को पोर्ट, शिपिंग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल से मुलाकात की.
पहले बात करेंगे जयशंकर के रूस दौरे की. रूसी विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में इस बैठक की घोषणा की और कहा कि दोनों देशों के मंत्री आगे होने वाले राजनीतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ प्रमुख द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे.
दो दिन चलेगी बड़ी बैठक
शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के राष्ट्राध्यक्ष परिषद की बैठक 17-18 नवंबर को आयोजित होने जा रही रही है. इसे लेकर रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने बताया कि जयशंकर और लावरोव के बीच बैठक भारत-रूस संबंधों की वर्तमान स्थिति पर केंद्रित होगी और राजनीतिक सहयोग के भविष्य के रास्तों की रूपरेखा तैयार करेगी. वे एससीओ, ब्रिक्स, संयुक्त राष्ट्र और जी20 के भीतर सहयोग समेत अहम अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मामलों पर भी चर्चा करेंगे.
इससे पहले, भारत के विदेश मंत्री ने 19-21 अगस्त 2025 तक रूस का दौरा किया था. इस दौरे पर उन्होंने व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग पर भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग (आईआरआईजीसी-टीईसी) के 26वें सत्र की सह-अध्यक्षता की थी.
पुतिन से मिले थे जयशंकर
विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस यात्रा के दौरान, विदेश मंत्री ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की थी. इसके अलावा, एस. जयशंकर ने रूस के प्रथम उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव और विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ बैठकें कीं. उन्होंने प्रमुख विद्वानों और थिंक टैंकों से भी बातचीत की.
इसके अलावा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने द्विपक्षीय एजेंडे में प्रगति की समीक्षा के लिए अक्टूबर में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बात की थी.
अब बात पुतिन के खास निकोलाई पेत्रुशेव के भारत दौरे की. मिनिस्ट्री ऑफ पोर्ट्स, शिपिंग एंड वाटरवेज के मुताबिक दोनों देशों के नेताओं और एक्सपर्ट्स की मौजूदगी में मैरिटाइम कॉपरेशन को लेकर चर्चा हुई.
साझेदारी और सहयोग को मजबूत किया जाएगा
मिनिस्ट्री ने कहा, 'दोनों देशों के बीच बेहद खास और अहम रणनीतिक साझेदारी को आने वाले लंबे वक्त में आर्थिक और समारिक रूप से मजबूत किया जाएगा. दोनों नेताओं ने पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की गाइडेंस की तारीफ की, जिसने भारत और रूस की दोस्ती को नया आयाम दिया है. इसके अलावा साझेदारी और सहयोग को लेकर कई अन्य मुद्दों जैसे शिपबिल्डिंग, ट्रेड, इकोनॉमी, साइंटिफिक एंड टेक्निकल कॉरपोरेशन पर भी बात की गई.' यानी अगर देखा जाए तो दुनिया में चल रही खलबली और टैरिफ का भारत और रूस की दोस्ती पर कोई असर नहीं है. दोनों देश लगाातर अपने संबंध मजबूत कर रहे हैं. माना जा रहा है कि इसका असर आगे आने वाले समय में देखने को मिल सकता है.