संजय राउत बोले, 'हम चाहते हैं कि उद्धव ठाकरे CM बनें, संसद में विपक्ष के साथ बैठेंगे'

शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने पत्रकारों को यह भी बताया कि संसद में उनकी पार्टी के सांसद विपक्षी खेमे में बैठेंगे. 

संजय राउत बोले, 'हम चाहते हैं कि उद्धव ठाकरे CM बनें, संसद में विपक्ष के साथ बैठेंगे'
राउत ने बीजेपी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि एनडीए किसी एक पार्टी की जागीर नहीं

मुंबई: शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत (Sanjay Raut) ने शनिवार को एक बार फिर दोहराया कि महाराष्ट्र (Maharashtra) में उनकी पार्टी के नेतृत्व में सरकार बनेगी. उन्होंने कहा कि शिवसेना चाहती है कि उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) मुख्यमंत्री बनें. उन्होंने पत्रकारों को यह भी बताया कि संसद में शिवसेना के सांसद विपक्षी खेमे में बैठेंगे. एनडीए की बैठक से भी पार्टी ने किनारा कर लिया है. शिवसेना का यह बयान ऐसे समय आया है जब पार्टी, एनसीपी और कांग्रेस के साथ राज्य में सरकर के गठन के लिए प्रयासरत है. फिलहाल महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू है. शिवसेना-एनसीपी के नेता राज्य में सरकार बनाने का दावा कर रहे हैं. 

इस दौरान राउत ने बीजेपी पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि एनडीए किसी एक पार्टी की जागीर नहीं है. कोई एक पार्टी एनडीए नहीं बनी थी, बहुत पार्टी की भर्ती हुई एनडीए में, आए और चले गए." उन्होंने बीजेपी का नाम लिए बिना कहा, "हमने एनडीए बनाई थी. बाला साहेब, अटल जी, अडवाणी जी और प्रकाश सिंह बदल जी ने. पहले की एनडीए और आज की एनडीए में जमीन आसमान का फर्क है. मुझे मालूम नहीं एनडीए के संयोजक कौन हैं?. आज हमें पता चला है कि शिवसेना की सदन में बैठक व्यवस्था बदल दी गई है."

शिवसेना, कांग्रेस, NCP ने तैयार किया CMP
महाराष्ट्र (Maharashtra) में शिवसेना (Shiv Sena), कांग्रेस (Congress) और एनसीपी (NCP )की गठबंधन सरकार का रास्ता करीब-करीब साफ हो गया है. कांग्रेस और शिवसेना शिवसेना पर दवाब बना कर काफी हद तक कॉमन मिनिमम प्रोग्राम से उग्र हिंदुत्व को दूर रखने में कामयाब रही है लेकिन अब भी कुछ मुद्दे हैं जिन पर असहमति कायम है. 

देखें वीडियो:

जिन कुछ मुददों पर कांग्रेस एनसीपी से शिवसेना का टकराव हो सकता है उनमें कामन सिविल कोड, एनआरसी को लागू करने, बालासाहेब का भव्य स्मारक और पाकिस्तान विरोधी पार्टी एजेंडे पर बरकरार है. शिवसेना की दलील है कि अयोध्या में श्रीराम राम मंदिर और जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 जैसे दो अहम हिंदुत्व मुद्दों का हल पहले ही निकल चुका है. फिर भी इसका ये मतलब नहीं कि शिवसेना ने हिंदुत्व मुद्दा छोड दिया है.