close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

दिल्‍ली में एंटी करप्‍शन ब्‍यूरो के प्रमुख बनाए जा सकते हैं संजीव चतुर्वेदी, केजरीवाल सरकार करेगी नियुक्ति!

दिल्‍ली में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्‍थान (एम्स) के पूर्व मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) संजीव चतुर्वेदी को दिल्ली सरकार के भ्रष्टाचार निरोधी ब्यूरो का प्रमुख बनाया जा सकता है। मीडिया में आई कुछ रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि अरविंद केजरीवाल के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने के बाद संजीव चतुर्वेदी की इस पर नियुक्ति हो सकती है। सूत्रों के अनुसार, केजरीवाल इस संबंध में केंद्र सरकार से बात कर सकते हैं।

दिल्‍ली में एंटी करप्‍शन ब्‍यूरो के प्रमुख बनाए जा सकते हैं संजीव चतुर्वेदी, केजरीवाल सरकार करेगी नियुक्ति!

नई दिल्ली : दिल्‍ली में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्‍थान (एम्स) के पूर्व मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) संजीव चतुर्वेदी को दिल्ली सरकार के भ्रष्टाचार निरोधी ब्यूरो का प्रमुख बनाया जा सकता है। मीडिया में आई कुछ रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि अरविंद केजरीवाल के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने के बाद संजीव चतुर्वेदी की इस पर नियुक्ति हो सकती है। सूत्रों के अनुसार, केजरीवाल इस संबंध में केंद्र सरकार से बात कर सकते हैं।

गौर हो कि उस समय चतुर्वेदी को केंद्र सरकार ने पद से हटा दिया था। उनको हटाने पर आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार को निशाने पर लिया था और इस कदम की आलोचना की थी।

गौर हो कि संजीव चतुर्वेदी को पिछले साल एम्स के सीवीओ पद से हटा दिया गया था। इस मामले ने काफी तूल पकड़ा था और इसे लेकर मोदी सरकार की काफी किरकिरी हुई थी। अपने दो साल के कार्यकाल में संजीव चतुर्वेदी ने एम्स के भीतर भ्रष्टाचार के 150 से अधिक मामलों को उजागर किया था, जिसमें करीब 80 मामलों में दोषियों को सजा भी हो चुकी है।

संजीव चतुर्वेदी को केंद्र सरकार ने पिछले 14 अगस्त को देश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एम्स के सीवीओ पद से हटा दिया था। तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री डा. हर्षवर्धन ने कहा था कि चतुर्वेदी का एम्स के सीवीओ पद पर रहना असंवैधानिक है। सीवीओ पद से हटाए जाने के बाद संजीव चतुर्वेदी ने सीवीसी के सामने अपना पक्ष रखा था। चतुर्वेदी ने सीवीसी को बताया कि बीजेपी नेता जेपी नड्डा के राजनीतिक दबाव के चलते उन्हें सीवीओ के पद से हटाया गया है। अपनी दलील में चतुर्वेदी ने सीवीसी के सामने जेपी नड्डा की ओर से स्वास्थ्य मंत्री को लिखी चिट्ठियां दिखाईं। एक रिपोर्ट के अनुसार, इन चिट्ठियों में नड्डा ने न केवल चतुर्वेदी को एम्स सीवीओ पद से हटाने की मांग की थी, बल्कि नए सीवीओ का नाम भी सुझाया था।

बताया जा रहा है कि सत्ता संभालने के बाद आम आदमी पार्टी का भ्रष्टाचार के खिलाफ यह पहला बड़ा कदम हो सकता है। चुनाव प्रचार के दौरान आप ने सरकारी कार्यालयों से भ्रष्टाचार को दूर करने को प्राथमिकता बताया था।