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उच्चतम न्यायालय का आसाराम को अंतरिम जमानत से इंकार

उच्चतम न्यायालय ने बलात्कार के आरोप में जेल में बंद संत आसाराम की अंतरिम जमानत की याचिका मंगलवार को खारिज कर दी। न्यायालय ने एम्स के चिकित्सकों की रिपोर्ट पर विश्वास करते हुये कहा कि उन्हें आसाराम की सर्जरी की आवश्यकता महसूस नहीं हुयी है।

उच्चतम न्यायालय का आसाराम को अंतरिम जमानत से इंकार

नई दिल्ली : उच्चतम न्यायालय ने बलात्कार के आरोप में जेल में बंद संत आसाराम की अंतरिम जमानत की याचिका मंगलवार को खारिज कर दी। न्यायालय ने एम्स के चिकित्सकों की रिपोर्ट पर विश्वास करते हुये कहा कि उन्हें आसाराम की सर्जरी की आवश्यकता महसूस नहीं हुयी है।

न्यायमूर्ति तीरथ सिंह ठाकुर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने आसाराम की जमानत याचिका खारिज करते हुये कहा, ‘हमें अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के विशेषज्ञों की राय अस्वीकार करने की कोई वजह नजर नहीं आती।’ इस बीच, न्यायालय ने जोधपुर की अदालत से कहा है कि छह ‘महत्वपूर्ण गवाहों’ में से तीन से पूछताछ के लिये ‘प्रभावी कदम’ उठाये जायें। यह अदालत दैनिक आधार पर मुकदमे की सुनवाई कर रही है।

न्यायालय ने कहा कि मुकदमे की सुनवाई कर रही अदालत में तीन अन्य प्रमुख गवाहों के बयान दर्ज होने के बाद आसाराम फिर से जमानत याचिका दायर कर सकते हैं जिस पर अदालत मेरिट के आधार पर फैसला करेगी।

इस मामले की सुनवाई शुरू होते ही न्यायालय ने आसाराम के वकील को यह स्पष्ट कर दिया कि मेडिकल आधार पर उन्हें अंतरिम जमानत देने के अनुरोध पर ही सुनवाई की जायेगी जैसा कि उनके पहले के वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद ने दलील दी थी।

आसाराम की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने कहा, ‘हां, मेडिकल आधार पर अंतरिम जमानत के लिये अर्जी है लेकिन मैं मेरिट पर भी कुछ कहना चाहता हूं।’ उन्होंने कहा, ‘तीन मुख्य गवाहों (लड़की और उसके माता पिता) से पहले ही पूछताछ की जा चुकी है और तीन अन्य मुख्य गवाहों में से एक से आंशिक पूछताछ हो चुकी है। वैसे भी उनका कथित अपराध से कोई लेना देना नहीं है।’