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बार काउन्सिल ऑफ इंडिया ने कहा, 'सुप्रीम कोर्ट के जजों का विवाद हल हो गया है'

बीसीआई अध्यक्ष  मनन कुमार मिश्रा ने राजनीतिक दलों को आगाह किया कि वे चार न्यायाधीशों की 12 जनवरी की प्रेस कांफ्रेस में उठाई गई समस्याओं का अनावश्यक राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास नहीं करे. 

 बार काउन्सिल ऑफ इंडिया ने कहा,  'सुप्रीम कोर्ट के जजों का विवाद हल हो गया है'
बीसीआई के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने कहा कि चार न्यायाधीशों द्वारा उठाए गए मसले ‘‘परिवार का अंदरूनी मामला था’’ जिसे सुलझा लिया गया है. (फोटो साभार - ANI)

नई दिल्ली: बार काउन्सिल आफ इंडिया ने सोमवार को कहा कि उच्चतम न्यायालय के चार न्यायाधीशों द्वारा प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा के खिलाफ सार्वजनिक रूप से आरोप लगाने से उत्पन्न संकट आंतरिक तरीके से हल कर लिया गया है और ‘‘अब कहानी खत्म हो गई है.’’ बार काउन्सिल आफ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा के नेतृत्व में इस संगठन के सात सदस्यीय शिष्टमंडल ने रविवार को प्रधान न्यायाधीश सहित शीर्ष अदालत के 15 न्यायाधीशों मुलाकात की थी. उन्होंने सोमवार को बताया कि चार न्यायाधीशों द्वारा उठाए गए मसले ‘‘परिवार का अंदरूनी मामला था’’ जिसे सुलझा लिया गया है.

इस मामले में बाहरी हस्तक्षेप की जरूरत नहीं : बीसीआई अध्यक्ष
अध्यक्ष ने कहा, ‘‘कहानी खत्म हो गई’’ और उन्होंने राजनीतिक दलों को आगाह किया कि वे चार न्यायाधीशों की 12 जनवरी की प्रेस कांफ्रेस में उठाई गई समस्याओं का अनावश्यक राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास नहीं करे. उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘बार काउन्सिल आफ इंडिया अपने प्रयासों में सफल रही. इस मामले में किसी भी बाहरी हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है और हम भी उन पर किसी प्रकार की शर्त नहीं थोपेंगे और उन्हें स्वयं ही आपस में चाय पर मतभेद दूर करने देंगे.’’ 

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उम्मीद है सब ठीक हो जाएगा : बीसीआई अध्यक्ष
उन्होने कहा कि सब कुछ सुलझा लिया जाएगा ओर उन्होंने जो भी मुद्दे थे उन्हें हल कर लिया है. हमें उम्मीद है कि सब कुछ ठीक हो जायेगा और वे कोई न कोई अंदरूनी तंत्र विकसित कर लेंगे. यह पूछे जाने पर कि क्या इन न्यायाधीशों द्वारा प्रधान न्यायाधीश के खिलाफ लगाये गये आरोपों की जांच होनी चाहिए, उन्होंने कहा कि उनकी संस्था का इससे कोई लेना देना नहीं है.

उन्होंने यह भी कहा कि सोहराबुद्दीन शेख मुठभेड मामले की सुनवाई कर रहे सीबीआई के विशेष न्यायाधीश बी एच लोया की मृत्यु के मामले को अब नहीं उछाला जाना चाहिए क्योंकि उनके परिवार के सदस्यों ने ही साफ कर दिया है कि वे अब और परेशान नहीं होना चाहते हैं.