सेना ने नाकाम की आतंकियों की साजिश, टल गया पुलवामा जैसा हमला

 इंडियन आर्मी ने अपनी सूझ-बूझ से जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की साजिश को नाकाम कर दिया और पुलवामा जैसे हमले को रोक लिया. गुरुवार (17 सितंबर) को जम्‍मू-कश्‍मीर हाईवे के पास से 52 किलोग्राम विस्‍फोटक बरामद किया गया है. 

सेना ने नाकाम की आतंकियों की साजिश, टल गया पुलवामा जैसा हमला

नई दिल्लीः इंडियन आर्मी ने अपनी सूझ-बूझ से जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की साजिश को नाकाम कर दिया और पुलवामा जैसे हमले को रोक लिया. गुरुवार (17 सितंबर) को जम्‍मू-कश्‍मीर हाईवे के पास से 52 किलोग्राम विस्‍फोटक बरामद किया गया है. सेना की ओर से जारी किए बयान के मुताबिक घाटी के करेवा (Karewa) में गुरुवार की सुबह 8 बजे एक ज्वाइंट सर्च ऑपरेशन लॉन्च किया गया था. इस ऑपरेशन की टीम ने एक सिनटेक्स टैंक का खुलासा किया जो आतंकियों द्वारा खोदा गया था. 

इस टैंक से सेना ने कुल 52 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री बरामद की. इस टंक में 125 ग्राम के साथ विस्फोटक के 416 पैकेट थे. आतंकी इस विस्फोटक सामग्री से पुलवामा जैसे हमले को अंजाम देने का फिराक में थे लेकिन सेना ने बड़े हादसे को टाल दिया. 

सेना के अधिकारी ने बताया कि सर्च ऑपरेशन में एक अन्य ऐसा भी टैंक मिला जिसमें करीब 50 डेटोनेटर्स थे. बता दें कि जिस स्थान पर विस्फोटक पाए गए, वह हाईवे और 2019 पुलवामा हमले स्थल से 9 किलोमीटर की दूरी पर हैं. गौरतलब है कि पिछले साल पिछले साल 14 फरवरी आतंकियों ने जवानों के काफिले पर आत्मघाती विस्फोटक हमला किया था जिसमें हमारे 40 सुरक्षाबल शहीद हुए थे. आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में सूचना मिलने पर कार्रवाई करते हुए, सेना और सीआरपीएफ के साथ पुलिस ने अवंतिपोरा में गाडीखाल गांव के जंगलों के पास एक नर्सरी क्षेत्र की संयुक्त तलाशी ली.

वन क्षेत्र की खोज के दौरान, दो विस्फोटक डंप पाए गए, जिन्हें दो अलग-अलग 250 लीटर वाले प्लास्टिक टैंकों में जमीन के नीचे छुपाया गया था. पुलिस ने कहा, "एक प्लास्टिक टैंक में 416 उच्च-विस्फोटक जिलेटिन स्टिक्स (छड़ें) बरामद की गई हैं, जबकि एक अन्य प्लास्टिक टैंक में 50 डेटोनेटर्स को बरामद किया गया है. डेटोनेटर्स को बम डिस्पोजल स्क्वाड की ओर से उन्हें ले जाने के जोखिम के कारण मौके पर ही नष्ट कर दिया गया."

पुलिस ने कहा कि इस रिकवरी के आधार पर, सुरक्षा बल विस्फोटक पदार्थों के माध्यम से एक बड़े आतंकी हमले को रोकने में सक्षम हुए हैं. यह घटना जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर पुलवामा में लेथपोरा के करीब हुई, जहां फरवरी 2019 में आत्मघाती हमले में 40 सीआरपीएफ जवान शहीद हो गए थे. पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.