कश्मीर में मां अपने आतंकी बच्चों को सरेंडर करने को कहें: सेना

प्रेस कॉन्फ्रेंस में सेना ने जम्मू कश्मीर की महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि वह अपने बच्चों को समझाएं और जो बच्चे आतंक की राह पर चल पड़े हैं, उन्हें सरेंडर करने के लिए कहें.

कश्मीर में मां अपने आतंकी बच्चों को सरेंडर करने को कहें: सेना

नई दिल्लीः जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले और उसके बाद चले एनकाउंटर को लेकर आज सीआरपीएफ, जम्मू कश्मीर पुलिस और सेना की ज्वाइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई. प्रेस कॉन्फ्रेंस में चिनार कॉर्प्स के लेफ्टिनेंट जनरल केजीएस ढिलन्न ने जानकारी दी कि सुरक्षाबलों ने 100 घंटे के अंदर पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड कामरान को मार गिराया. 

महिलाओं से की खास अपील
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सेना ने जम्मू कश्मीर की महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि वह अपने बच्चों को समझाएं और जो बच्चे आतंक की राह पर चल पड़े हैं, उन्हें सरेंडर करने के लिए कहें. उन्होंने कहा कि सेना के पास सरेंडर पॉलिसी है, अब अगर जो भी सेना के खिलाफ बंदूक उठाएगा वो मारा जाएगा. उन्होंने कहा कि हम नहीं चाहते हैं कि कोई भी नागरिक घायल हुए. सेना के अफसरों ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि पुलवामा में हुए आतंकी हमले के पीछे ISI का हाथ था, उनकी मदद से ही जैश ने हमला किया था.'

लेफ्टिनेंट जनरल ढिल्‍लन ने कहा पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों पर हुए हमले में 100 फीसदी पाकिस्तानी सेना का ही हाथ है. उन्होंने कहा कि जैश-ए-मोहम्मद पाकिस्तान का बच्चा है. आईएसआई और सेना ही इस समूह को संचालित कर रही है. 

पुलवामा में हुआ था आतंकी हमला
बता दें कि 14 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में जैश ए मोहम्मद के आतंकी ने CRPF के काफिले पर हमला कर दिया था. इस हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे, जिसके बाद से ही पूरा देश आक्रोश में है.