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पत्थरबाजों की मौत के विरोध में आज अलगाववादियों का कश्मीर बंद

पत्थरबाजों की मौत के विरोध में आज अलगाववादियों का कश्मीर बंद
पत्थरबाजों की मौत के विरोध में आज अलगाववादियों का कश्मीर बंद (फाइल फोटो)

श्रीनगरः कश्मीर के बडगाम में मंगलवार को हुई भुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने एक आतंकी को मार गिराया. लेकिन इस दौरान सुरक्षाबलों पर पत्थरबाजी कर रहे तीन नागरिकों की भी मौत हो गई. नागरिकों की मौत के खिलाफ आज अलगाववादियों ने कश्मीर में बंद का आह्वान किया है. इसके अलावा अलगाववादियों ने लोगों से अपील की है कि वो शुक्रवार को जुमे की नमाज प्रदर्शन करें. 

परीक्षाएं टाली गई

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अलगाववादियों के बंद के आह्वान के चलते राज्य में परीक्षाएं टाल दी गई है. आपको बता दें कि कश्मीर यूनिवर्सिटी ने बंद के चलते परीक्षाएं टालने का फैसला किया है, परीक्षा की नई तारीखों का ऐलान बाद में किया जाएगा.

बडगाम में फायरिंग और हिंसा

आतंकियों को आड़ देने की कोशिश में की गई पत्थरबाजी

आपको बता दें कि मंगलवार सुबह बडगाम के चंडूरा इलाके में आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिलने पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया. सेना और आतंकियों के बीच फायरिंग के दौरान स्थानीय लोग आतंकियों को आड़ देने की कोशिश में सुरक्षाबलों पर पत्थरबाजी करने लगे. उनसे निपटने के लिए सुरक्षाबलों को आंसू गैस के गोले दागने पड़े और पैलेट गन का इस्तेमाल करना पड़ा. सीआरपीएफ के डीआईजी संजय कुमार के मुताबिक लोगों ने ऑपरेशन को मुश्किल बना दिया, उन्होंने कहा कि एक तरफ हम आतंकियों से मुकाबला कर रहे थे तो दूसरी तरफ लोगों से. इस दौरान पुलिस की गोली से करीब 20 लोग घायल भी हुए है. वहीं प्रदर्शकारियों से मुकाबला करते सेना और सुरक्षाबलों के 67 जवान भी जख्मी हुई हैं. आपको बता दें कि आतंकियों से ये भुठभेड़ करीब 10 घंटे चली. 

सेना और आतंकियों के बीच मुठभेड़ खत्म, एक आतंकी ढेर, सर्च ऑपरेशन जारी

महीने में दूसरी घटना, 5 महीने भाग निकले 25 आतंकी

आपको बता दें कि कश्मीर में स्थानीय निवासियों द्वारा आतंकियों की मदद करने का ये कोई पहला मामला नहीं है. 9 मार्च को कश्मीर में दो एनकाउंटर में तीन आतंकियों को मार गिराया गया था. लेकिन पत्थरबाजों को ये बात रास नहीं आई और वो फिर सड़क पर उतरे और सेना पर पत्थर बरसाने लगे. इस दौरान सेना द्वारा की गई कार्रवाई में दो लोगों की मौत हो गई थी और 16 प्रदर्शनकारी घायल हो गए थे. आपको बता दें कि पिछले पांच महीने में अब तक 25 आतंकवादी इस तरह के लोगों की मदद लेकर भागने में कामयाब रहे है.