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CM फडणवीस को SC से झटका, चुनावी हलफनामे में जानकारी छुपाने पर चलेगा मुकदमा

2014 के चुनावी हलफनामे में आपराधिक मुकदमों से जुड़ी जानकारी छुपाने के लिए फडणवीस को अब मुकदमे का सामना करना पड़ेगा.

CM फडणवीस को SC से झटका, चुनावी हलफनामे में जानकारी छुपाने पर चलेगा मुकदमा

नई दिल्‍ली: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2019 ( Maharashtra Assembly Elections 2019) के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है. 2014 के चुनावी हलफनामे में आपराधिक मुकदमों से जुड़ी जानकारी छुपाने के लिए फडणवीस को अब मुकदमे का सामना करना पड़ेगा. SC ने फडणवीस को बॉम्बे हाई कोर्ट से मिली क्लीन चिट को खारिज किया. दरअसल चुनावी हलफनामे में दो आपराधिक मुकदमों से जुड़ी जानकारी छुपाने के मामले में ट्रायल कोर्ट और हाईकोर्ट के क्लीनचिट देने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने निरस्त किया है. सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया है कि वह फड़नवीस के खिलाफ शिकायत पर नए सिरे से विचार करें.

याचिकाकर्ता का आरोप है कि फडणवीस ने 2014 विधानसभा में अपने ऊपर लंबित 2 आपराधिक मुकदमों की जानकारी छुपाई. इससे पहले बॉम्बे हाईकोर्ट याचिका खारिज कर चुका है. दरअसल, सुप्रीम कोर्ट सतीश उके द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें कहा गया कि फणडवीस ने अपने खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों का कथित खुलासा नहीं किया है.

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बिना इसकी घोषणा के फडणवीस के महाराष्ट्र विधानसभा के चुनाव की घोषणा की गई है. उके ने याचिका में आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री फडणवीस ने 2014 विधानसभा चुनावों के दौरान चुनाव आयोग में दाखिल हलफनामे में उनके खिलाफ दर्ज दो आपराधिक मामलों को नहीं दर्शाया था. बॉम्बे हाईकोर्ट ने सतीश उके की याचिका खारिज कर दी थी, जिसमें महाराष्ट्र विधानसभा के लिए फडणवीस के चुनाव को रद्द करने की मांग की गई थी.

उके ने आरोप लगाया था कि 2009 और 2014 में नागपुर के दक्षिण पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से नामांकन भरते समय फडणवीस ने उनके खिलाफ लंबित दो आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाई थी. यह पीपुल्स एक्ट, 1951के 125-ए का स्पष्ट उल्लंघन है. याचिकाकर्ता के मुताबिक, 1996 और 1998 में फडणवीस के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोपों में दो मामले दर्ज किए गए थे.

(इनपुट: सुमित कुमार के साथ)