भारत में बच्चियों के साथ यौन उत्पीड़न दिल दहला देनी घटनाएं हैं : संयुक्त राष्ट्र

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक का कहना है कि भारत में एक नवजात और पाकिस्तान में एक बच्ची का यौन उत्पीड़न दिल दहला देने वाला है. 

भारत में बच्चियों के साथ यौन उत्पीड़न दिल दहला देनी घटनाएं हैं : संयुक्त राष्ट्र
बच्चियों के साथ होने वाले दुष्कर्मों पर संयुक्त राष्ट्र ने चिंता प्रकट की है

संयुक्त राष्ट्र : दिल्ली में पिछले हफ्ते 8 महीने की बच्ची के साथ हुए दुराचार की चीख संयुक्त राष्ट्र तक भी पहुंच गई हैं. संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक का कहना है कि भारत में एक नवजात और पाकिस्तान में एक बच्ची का यौन उत्पीड़न दिल दहला देने वाला है लेकिन बच्चियों के साथ यह हिंसा सभी देशों में हो रही है.

डुजारिक से एक संवाददाता ने भारत और पाकिस्तान में इन दो मामलों के बारे पूछते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र इस हिंसा को रोकने के लिए इन दोनों देशों को क्या सलाह देगा? इसके जवाब में डुजारिक ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र और इसकी एंजेसियां बच्चियों और महिलाओं के साथ इस तरह के हमलों को लेकर समाज को संदेश देने और उन्हें जागरूक करने की दिशा में काम कर रही हैं.

पाकिस्तान में बच्ची दुराचार के बाद बच्ची की हत्या
डुजारिक ने कहा भारत और पाकिस्तान में हुए ये ताजा मामले दिल दहला देने वाले हैं. उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट है कि इस ग्रह पर कोई भी देश महलिाओं और बच्चियों के साथ इस तरह की हिंसा से बचा हुआ नहीं है. हम सभी देशों में इस तरह के मामले देखते हैं. 

गौरतलब है कि रविवार को नई दिल्ली में एक आठ महीने की नवजात के साथ उसके 28 वर्षीय चचेरे भाई ने दुष्कर्म किया था. इसके अलावा पिछले महीने पाकिस्तान के कसूर में सात साल की बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी. इन दोनों मामलों को लेकर ही लोगों में गुस्सा देखने को मिला और बच्चों एवं महिलाओं को सुरक्षित करने के लिए उचित कदम उठाने का आह्वान किया गया.

महिला सशक्तिकरण जरूरी
डुजारिक ने बच्चियों और महिलाओं को इस हिंसा के बचाने के लिए संयुक्त राष्ट्र के कार्यो के बारे में कहा कि संयुक्त राष्ट्र विभिन्न कार्यक्रमों जैसे संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (यूएनएफपीए), यूनिसेफ और अन्य के जरिए विभिन्न देशों की सरकारों के साथ काम कर रहा है ताकि बच्चियों और महिलाओं का सम्मान करने के लिए समुदायों को संदेश दिया जा सके. उन्होंने कहा कि यह समान अधिकार, महिलाओं और बच्चियों तक स्वास्थ्य सुविधाओं और शिक्षा की पहुंच सुगम बनाने को लेकर है. यह महिला सशक्तीकरण को लेकर है. संयुक्त राष्ट्र विभिन्न विकास कार्यक्रमों के जरिए इस मुद्दे का निपटारा करने का प्रयास कर रहा है.

(इनपुट आईएएनएस से)