शाही इमाम अहमद बुखारी बोले, 'अयोध्या पर SC के फैसले को स्वीकार करता हूं'

सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने भी कहा है कि वह सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर कोई समीक्षा या क्यूरेटिव याचिका दायर नहीं करेगा. सुन्नी वक्फ बोर्ड के चेयरमैन जफर फारूकी ने कहा कि वह उपासना अधिनियम-1991 के प्रावधानों को हलका करने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के 2010 के फैसले को खारिज करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के आभारी हैं.

शाही इमाम अहमद बुखारी बोले, 'अयोध्या पर SC के फैसले को स्वीकार करता हूं'

नई दिल्ली: जामा मस्जिद के शाही इमाम अहमद बुखारी (Shahi Imam Ahmed Bukhari) ने अयोध्या मामले पर शीर्ष अदालत के फैसले का स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि वह ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से सहमत नहीं हैं, जिसने कहा है कि वह फैसले पर समीक्षा याचिका दायर कर सकता है. शाही इमाम ने मीडिया से बात करते हुए कहा, 'हम लगातार यह कहते रहे हैं कि हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले को स्वीकार करेंगे. मैं समीक्षा याचिका दायर करने पर सहमत नहीं हूं. मुझे लगता है और उम्मीद है कि देश विकास की दिशा में आगे बढ़ेगा.'

सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने भी कहा है कि वह सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर कोई समीक्षा या क्यूरेटिव याचिका दायर नहीं करेगा. सुन्नी वक्फ बोर्ड के चेयरमैन जफर फारूकी ने कहा कि वह उपासना अधिनियम-1991 के प्रावधानों को हलका करने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के 2010 के फैसले को खारिज करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के आभारी हैं.

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सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मामले में शनिवार को दिए अपने फैसले में हिंदू पक्ष को विवादित भूमि दी है. इसके अलावा अदालत ने अयोध्या में एक मस्जिद के लिए सुन्नी वक्फ बोर्ड को पांच एकड़ वैकल्पिक भूमि प्रदान किए जाने के भी निर्देश दिए.

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा है कि फैसले का अध्ययन करने के बाद बोर्ड समीक्षा याचिका दायर कर सकता है. बोर्ड के कार्यकारी सदस्य कमाल फारूकी ने कहा कि यह निर्णय तथ्यों पर नहीं बल्कि आस्था पर आधारित है.