मराठा आरक्षण का सियासी श्रेय लेने के खिलाफ शिवसेना, सामना में लिखा...

मराठा कोटा बिल को विधानसभा की मंजूरी मिलने के दो दिन बाद शिवसेना ने इशारों ही इशारों में भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि इस मुद्दे पर सियासी फायदा उठाने की कोशिश न की जाए. पार्टी के मुखपत्र 'सामना' के संपादकीय में शिवसेना ने कहा कि मराठाओं को 'पूरे सम्मान' के साथ आरक्षण मिलना चाहिए. 

मराठा आरक्षण का सियासी श्रेय लेने के खिलाफ शिवसेना, सामना में लिखा...
फाइल फोटो

मुंबई : मराठा कोटा बिल को विधानसभा की मंजूरी मिलने के दो दिन बाद शिवसेना ने इशारों ही इशारों में भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि इस मुद्दे पर सियासी फायदा उठाने की कोशिश न की जाए. पार्टी के मुखपत्र 'सामना' के संपादकीय में शिवसेना ने कहा कि मराठाओं को 'पूरे सम्मान' के साथ आरक्षण मिलना चाहिए. 

भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार में शामिल शिवसेना ये भी कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने बड़ी ही "चतुराई' और धैर्य के साथ मराठा आरक्षण के मुद्दे को संभाला है. संपादकीय में कहा गया है, "मराठा आरक्षण को लेकर सभी राजनीतिक पक्षों को विश्वास में लिया गया है." 

गत 29 नवंबर को राज्य विधानसभा ने शिक्षा और सरकारी नौकरियों में मराठाओं को विशेष रूप से बनाई गई सामाजिक और आर्थिक पिछड़ा वर्ग श्रेणी (एसईबीसी) के तहत 16 प्रतिशत आरक्षण देने के विधेयक को मंजूरी दे दी थी, जिसे शुक्रवार को राज्यपाल विद्यासागर राव ने भी मंजूरी दे दी थी. 

शिवसेना ने कहा, "हम शुरू से ही कह रहे थे कि मराठाओं को सिर्फ दिखावे के लिए आरक्षण नहीं दिया जाना चाहिये. उन्हें उनका यह हक सम्मान से मिलना चाहिये और इसमें सियासी नफा-नुकसान देखने की जरूरत नहीं है. कई बार इसका एलान तो कर दिया गया लेकिन बाद में ये मुद्दा ठंडा पड़ गया."